भारत की गाजा शांति योजना में भागीदारी: ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पर्यवेक्षक के रूप में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति परिचय वर्ष 2026 में गाजा पट्टी का प्रश्न केवल इजराइल–फिलिस्तीन संघर्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक शक्ति-संतुलन, मानवीय हस्तक्षेप और बहुपक्षीय कूटनीति की परीक्षा बन गया है। ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा प्रारंभ किया गया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) एक नई पहल के रूप में सामने आया है, जिसका घोषित उद्देश्य गाजा में युद्धविराम की निगरानी, पुनर्निर्माण, हमास के निरस्त्रीकरण तथा एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण व्यवस्था की स्थापना है। फरवरी 2026 में वाशिंगटन डीसी में आयोजित इस बोर्ड की पहली बैठक में भारत ने पूर्ण सदस्य के बजाय पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में भाग लिया। यह निर्णय साधारण कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की संतुलित और बहुस्तरीय विदेश नीति का प्रतीक है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र से परे एक वैकल्पिक मंच? ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2026 में विश्व आर्थिक मंच (दावोस) के दौरान इस पहल की घोषणा की थी। इसे एक ऐसे मंच के रूप में...
Supreme Court Verdict on Sexual Assault: Pajama String Act Constitutes Attempt to Rape, Allahabad HC Order Overturned
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: ‘पायजामा की डोरी खोलना बलात्कार का प्रयास है’ — न्यायिक संवेदनशीलता की पुनर्स्थापना हाल ही में Supreme Court of India ने यौन अपराधों से जुड़े एक अत्यंत संवेदनशील और नैतिक रूप से चुनौतीपूर्ण मामले में ऐसा फैसला दिया है, जिसने न केवल Allahabad High Court के एक विवादास्पद आदेश को पलट दिया, बल्कि भारतीय न्याय व्यवस्था की संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टि और पीड़ित-केंद्रित सोच को भी नए सिरे से स्थापित किया। यह निर्णय केवल एक कानूनी व्याख्या नहीं, बल्कि न्यायिक विवेक, नैतिक जिम्मेदारी और समाज के प्रति न्यायपालिका की जवाबदेही का सशक्त उदाहरण है। 1. मामले की पृष्ठभूमि: जब अपराध को ‘तैयारी’ कह दिया गया उत्तर प्रदेश की इस घटना में एक 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दो आरोपियों द्वारा अत्यंत घृणित कृत्य किए गए— बच्ची के स्तनों को पकड़ना उसकी पायजामा की डोरी खोलना उसे जबरन कल्वर्ट (पुलिया) के नीचे खींचने का प्रयास ट्रायल कोर्ट ने इस आचरण को POCSO अधिनियम के अंतर्गत बलात्कार का प्रयास मानते हुए गंभीर धाराओं में संज्ञान लिया। लेकिन 17 मार्च ...