अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
रोमिला थापर की नई किताब: इतिहास, मिथक और व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स के दौर में एक ज़रूरी हस्तक्षेप भारतीय इतिहास-लेखन के क्षेत्र में रोमिला थापर का नाम गहन शोध, वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण और प्रमाण-आधारित तर्क के लिए जाना जाता है। प्राचीन भारत पर उनके अध्ययन ने न केवल इतिहास-चेतना को समृद्ध किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि इतिहास केवल बीते समय की कहानी नहीं, बल्कि वर्तमान को समझने का बौद्धिक उपकरण भी है। उनकी नई पुस्तक “Speaking of History: Conversations about India’s Past and Present” इसी परंपरा का विस्तार है, जिसमें वे लेखक-चिंतक नमित अरोड़ा के साथ संवाद के रूप में भारतीय इतिहास, उसकी व्याख्याओं और समकालीन चुनौतियों पर विचार-मंथन करती हैं। यह पुस्तक इतिहास को राजाओं-रानियों या युद्धों के घटनाक्रम के रूप में नहीं, बल्कि इतिहास-लेखन की प्रक्रिया , उसकी पद्धति और समाज पर उसके प्रभाव** के रूप में प्रस्तुत करती है। यही दृष्टिकोण इसे पारंपरिक इतिहास-किताबों से अलग और अधिक विवेकपूर्ण बनाता है। व्हाट्सएप इतिहास: गलतफहमियों का नया संकट पुस्तक की सबसे महत्वपूर्ण बहस सोशल मीडिया पर फैलते उस तथाकथित ...