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Showing posts with the label ब्रिक्स द्वारा डालर पर निर्भरता कम करने के प्रयास

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End of Hereditary Peers in the House of Lords: A Historic Reform in British Parliamentary Democracy

हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...

BRICS Pay vs SWIFT: How De-Dollarization Is Reshaping Global Finance and India’s Digital Leadership

BRICS Pay vs SWIFT 2025: डॉलर निर्भरता कैसे घटाएगी नई भुगतान प्रणाली? | UPSC Current Affairs प्रिय यूपीएससी अभ्यर्थियों, वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में अमेरिकी डॉलर की एकछत्र राज आज चुनौती के घेरे में है। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों ने SWIFT जैसी डॉलर-आधारित भुगतान प्रणाली के राजनीतिक हथियार बनने का खुलासा कर दिया। इसी पृष्ठभूमि में BRICS Pay एक क्रांतिकारी वैकल्पिक मॉडल के रूप में उभरा है, जो ब्लॉकचेन तकनीक और स्थानीय मुद्राओं के माध्यम से BRICS देशों—ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका तथा नए सदस्यों जैसे सऊदी अरब, ईरान, मिस्र, इथियोपिया—के बीच सीधा, तेज़ और स्वतंत्र व्यापार सुनिश्चित करने का वादा करता है। यह न केवल तकनीकी नवाचार है, बल्कि भू-आर्थिक स्वायत्तता की दिशा में एक सामरिक कदम भी है। SWIFT, जिसकी स्थापना 1973 में हुई थी, आज भी वैश्विक वित्तीय संचार की रीढ़ है। यह 200 से अधिक देशों के 11,000 से ज़्यादा बैंकों को जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय भुगतानों के लिए मानकीकृत मैसेजिंग सेवा प्रदान करता है। लेकिन यह स्वयं धन हस्तांतरण नहीं करता—बस सूचना का आदान...

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