अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Global Child Deprivation Crisis: Key Insights from UNICEF’s State of the World’s Children 2025 Report
वैश्विक बाल-वंचना का संकट: UNICEF की ‘स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रन 2025’ रिपोर्ट का विश्लेषण भूमिका संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) द्वारा विश्व बाल दिवस (20 नवंबर 2025) के अवसर पर जारी की गई रिपोर्ट “The State of the World’s Children 2025: Ending Child Poverty – Our Shared Imperative” वैश्विक बाल-वंचना पर गंभीर चिंताएँ व्यक्त करती है। रिपोर्ट के अनुसार, निम्न और मध्यम-आय वाले देशों में हर पाँच में से एक से अधिक बच्चा, अर्थात् लगभग 400 मिलियन बच्चे, स्वास्थ्य, विकास और समग्र कल्याण के लिए आवश्यक कम से कम दो बुनियादी कारकों से वंचित हैं। यह आंकड़ा न केवल गरीबी की बहु-आयामी प्रकृति को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मौजूदा वैश्विक विकास ढांचे में बच्चों के अधिकार किस तरह संकटग्रस्त बने हुए हैं। बहु-आयामी बाल-वंचना की प्रकृति रिपोर्ट का प्रमुख योगदान यह है कि यह बाल गरीबी को केवल आय आधारित मानकों से नहीं, बल्कि बहु-आयामी वंचनाओं के समुच्चय के रूप में समझती है। इसमें निम्नलिखित कारक शामिल हैं— उचित पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण, सुरक्षित आवास एवं ...