हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
पृथ्वी दिवस 2026: ‘प्लास्टिक बनाम ग्रह’ और सतत भविष्य की अनिवार्यता विशेष संपादकीय प्रस्तावना: संकट का युग और चेतना का अवसर 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला पृथ्वी दिवस अब केवल पर्यावरणीय जागरूकता का प्रतीकात्मक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह मानव सभ्यता के अस्तित्व से जुड़ा एक निर्णायक क्षण बन चुका है। वर्ष 2026 का पृथ्वी दिवस ऐसे समय में आया है जब वैश्विक समुदाय तथाकथित ‘ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस’ —जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव विविधता के तीव्र ह्रास—से जूझ रहा है। यह संकट केवल पारिस्थितिक नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और नैतिक आयामों से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। आज प्रश्न यह नहीं है कि विकास होना चाहिए या नहीं, बल्कि यह है कि विकास किस प्रकार का होना चाहिए— विनाशकारी या सतत? प्लास्टिक बनाम ग्रह: आधुनिक सभ्यता का द्वंद्व प्लास्टिक, जो कभी आधुनिकता का प्रतीक था, आज वैश्विक पर्यावरणीय संकट का केंद्र बन चुका है। महासागरों में तैरते प्लास्टिक द्वीप, समुद्री जीवों की मौत, और मानव शरीर में प्रवेश करते माइक्रोप्लास्टिक—ये सभी संकेत हैं कि हमने सुविधा के लिए प्रकृति के साथ एक खतरनाक समझौ...