अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Model Code of Conduct (MCC) Reforms 2025: A New Framework for Electoral Transparency and Democratic Ethics
मॉडल कोड ऑफ कन्डक्ट (MCC) में प्रस्तावित सुधार 2025: भारतीय निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और नैतिकता की नई दिशा प्रस्तावना भारतीय लोकतंत्र, विश्व का सबसे बड़ा निर्वाचन तंत्र होने के नाते, निष्पक्षता और पारदर्शिता के उच्च मानदंडों पर टिका हुआ है। मॉडल कोड ऑफ कन्डक्ट (MCC) इस प्रक्रिया का एक अनौपचारिक किंतु महत्वपूर्ण अंग रहा है, जो चुनावी आचार संहिता के रूप में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के व्यवहार को नियंत्रित करता है। 1960 के दशक में केरल विधानसभा चुनावों से उद्भूत यह संहिता 1991 में सर्वसम्मति से अपनाई गई और तब से निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा चुनाव अवधि में लागू की जाती रही है। किंतु डिजिटल युग की चुनौतियाँ—सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक वीडियो, धनबल का दुरुपयोग तथा सत्ताधारी दलों द्वारा सरकारी योजनाओं का चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल—ने MCC की प्रासंगिकता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। नवंबर 2025 में चर्चा में आए प्रस्तावित सुधार इस संहिता को एक मजबूत कानूनी ढांचे में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम प्रतीत होते हैं। यह लेख इन सुधारों का आलोचनात्मक परीक्षण करता है, उनकी...