हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
From MGNREGA to VB-G RAM G: India’s Shift from Rights-Based Rural Employment to a Development Mission
2025 का अंत: MGNREGA से VB-G RAM G एक्ट तक — ग्रामीण रोजगार गारंटी में नया विवाद और सत्ता-विपक्ष की जंग भूमिका भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोज़गार सुरक्षा हमेशा से एक निर्णायक नीति-क्षेत्र रही है। विशेष रूप से निम्न-आय, कृषि-आश्रित और श्रम-प्रधान समाज में रोज़गार गारंटी का विचार केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, गरिमा और अधिकार से भी जुड़ा माना गया है। इसी पृष्ठभूमि में 2005 में लागू हुआ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) दो दशकों तक ग्रामीण भारत की सामाजिक सुरक्षा का एक प्रमुख स्तंभ बना रहा। लेकिन 2025 के अंतिम महीनों में इस व्यवस्था ने एक बड़ा मोड़ लिया, जब केंद्र सरकार ने MGNREGA को निरस्त कर उसकी जगह विकसित भारत – ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (VB-G RAM G एक्ट, 2025) लागू कर दिया। यह बदलाव केवल एक प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और वैचारिक टकराव का नया मंच बन गया है। सरकार इसे सुधार की दिशा में बड़ा कदम मानती है, जबकि विपक्ष इसे गरीबों के अधिकारों और गांधीवादी परंपरा पर हमला बता रहा है। MGNREGA: सामाजिक अधिकार से विकास न...