हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
वैश्विक भूख संकट: अंतरराष्ट्रीय खाद्य सहायता को दोगुना करने की आवश्यकता परिचय 21वीं सदी में जब मानवता ने अभूतपूर्व तकनीकी प्रगति, अंतरिक्ष अभियानों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उपलब्धियाँ हासिल कर ली हैं, तब भी विश्व की एक बड़ी आबादी आज भूख के दंश से जूझ रही है। संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, विश्व के लगभग 2 अरब लोग , यानी प्रत्येक चार में से एक व्यक्ति, खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहा है। ऐसे समय में जब संसाधनों की असमानता बढ़ रही है और जलवायु परिवर्तन कृषि उत्पादन को प्रभावित कर रहा है, तो वैश्विक भूख एक मानवतावादी संकट के रूप में उभरकर सामने आई है। हाल ही में, वर्ल्ड फूड प्राइज फाउंडेशन द्वारा वैश्विक भूख से निपटने में उल्लेखनीय योगदान के लिए विश्व खाद्य पुरस्कार वितरित किया गया। इस मंच पर पुरस्कार विजेताओं ने चेतावनी दी है कि इस बढ़ते संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय खाद्य सहायता को दोगुना करना आवश्यक है। यह सुझाव केवल एक अपील नहीं, बल्कि मानवता के अस्तित्व से जुड़ी चेतावनी है। वैश्विक भूख की वर्तमान स्थिति विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और संयुक्त राष्ट्र...