हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
बगराम एयरबेस विवाद - भारत की संतुलित विदेश नीति की नई झलक 7 अक्टूबर 2025 को मॉस्को में हुई “मॉस्को प्रारूप परामर्श” (Moscow Format Consultations on Afghanistan) की बैठक ने एक अप्रत्याशित लेकिन ऐतिहासिक मोड़ दिया। इस बैठक में भारत, तालिबान, पाकिस्तान, चीन और रूस एक साथ खड़े दिखाई दिए — और उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस योजना का विरोध किया जिसमें अमेरिका अफगानिस्तान के बगराम हवाई अड्डे पर दोबारा सैन्य कब्जा स्थापित करना चाहता है। यह संयुक्त रुख न केवल दक्षिण एशिया की रणनीतिक राजनीति में नई दिशा दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत अब “महाशक्तियों के साथ” नहीं, बल्कि “क्षेत्रीय हितों के साथ” खड़ा होना चाहता है। बगराम एयरबेस: अफगानिस्तान में अमेरिकी महत्वाकांक्षा का केंद्र बगराम हवाई अड्डा अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से करीब 50 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। 1979 में यह सोवियत सेनाओं का प्रमुख ठिकाना था, और 2001 के बाद अमेरिकी सेनाओं ने इसे अपने सबसे बड़े सैन्य अड्डे के रूप में विकसित किया। यहां से अमेरिका ने दो दशकों तक आतंकवाद विरोधी अभियानों का संचालन किया।...