हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
भारत में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत: विश्व स्वास्थ्य संगठन की चिंता और निर्यात की जांच हाल ही में भारत में एक दुखद घटना ने वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारतीय अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या 17 बच्चों की मौत का कारण बने जहरीले कफ सिरप को अन्य देशों में निर्यात किया गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन मौतों का संबंध डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नामक एक विषाक्त पदार्थ से जुड़ा है, जो कफ सिरप में पाया गया। यह घटना न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। घटना का विवरण भारत में 17 बच्चों की मौत के बाद, जांच में पाया गया कि कुछ कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मौजूदगी थी, जो एक औद्योगिक रसायन है और मानव उपभोग के लिए अत्यंत हानिकारक है। इस रसायन का उपयोग दवाओं में नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह गुर्दे और यकृत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे मृत्यु हो सकती है। यह पहली बार नहीं है जब भारत में इस तरह की घटना सामने आई है। पहले भी, खासकर 2022 और 2023 में,...