अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
भारत में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत: विश्व स्वास्थ्य संगठन की चिंता और निर्यात की जांच हाल ही में भारत में एक दुखद घटना ने वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारतीय अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या 17 बच्चों की मौत का कारण बने जहरीले कफ सिरप को अन्य देशों में निर्यात किया गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन मौतों का संबंध डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नामक एक विषाक्त पदार्थ से जुड़ा है, जो कफ सिरप में पाया गया। यह घटना न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। घटना का विवरण भारत में 17 बच्चों की मौत के बाद, जांच में पाया गया कि कुछ कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मौजूदगी थी, जो एक औद्योगिक रसायन है और मानव उपभोग के लिए अत्यंत हानिकारक है। इस रसायन का उपयोग दवाओं में नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह गुर्दे और यकृत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे मृत्यु हो सकती है। यह पहली बार नहीं है जब भारत में इस तरह की घटना सामने आई है। पहले भी, खासकर 2022 और 2023 में,...