अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Trump–Xi Summit 2025: A Pragmatic Truce in the US–China Trade War and the Battle for Economic Stability
ट्रम्प–शी शिखर सम्मेलन: अमेरिका–चीन व्यापार युद्ध में एक व्यावहारिक युद्धविराम सारांश 30 अक्टूबर 2025 को दक्षिण कोरिया के बुसान स्थित गिम्हे एयर बेस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक ने पिछले सात वर्षों से जारी अमेरिका–चीन व्यापार संघर्ष में एक अस्थायी लेकिन महत्वपूर्ण विराम ला दिया। एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के इतर आयोजित इस वार्ता में दोनों देशों ने एक वर्ष के लिए सीमित समझौता किया, जिसके तहत अमेरिका ने चीनी आयात पर लगने वाले शुल्क को 57% से घटाकर 47% कर दिया। बदले में चीन ने फेंटेनाइल नियंत्रण, दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के निर्यात और अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद के लिए ठोस प्रतिबद्धताएँ दीं। ट्रम्प ने इसे “ अद्भुत सफलता ” कहा, जबकि विश्लेषकों का मानना है कि यह किसी व्यापक समाधान के बजाय एक नाजुक युद्धविराम है—जो गहरी आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को केवल कुछ समय के लिए स्थगित करता है। परिचय अमेरिका–चीन व्यापार युद्ध की शुरुआत 2018 में ट्रम्प के पहले कार्यकाल में हुई थी। तब से यह केवल शुल्कों तक सीमित नहीं ...