अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2023: भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक और गौरवशाली क्षण जुड़ने जा रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार देश का सर्वोच्च सिनेमाई सम्मान है, जिसे भारतीय सिनेमा में आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है। 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सम्मान यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 23 सितंबर को आयोजित होने वाले 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा। यह समारोह भारतीय फिल्म जगत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा क्योंकि मोहनलाल चार दशक से अधिक के अपने करियर में कला, अभिनय और समाजसेवा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते आए हैं। मोहनलाल: मलयालम सिनेमा के ‘कंप्लीट एक्टर’ मोहनलाल को फिल्म जगत में ‘कंप्लीट एक्टर’ के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 1978 में फिल्म थिरानोत्तम से करियर की शुरुआत की और आज तक 340 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने एक्शन, रोमांस, ड्रामा, कॉमेडी और ऐतिहा...