हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2023: भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक और गौरवशाली क्षण जुड़ने जा रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार देश का सर्वोच्च सिनेमाई सम्मान है, जिसे भारतीय सिनेमा में आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है। 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सम्मान यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 23 सितंबर को आयोजित होने वाले 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा। यह समारोह भारतीय फिल्म जगत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा क्योंकि मोहनलाल चार दशक से अधिक के अपने करियर में कला, अभिनय और समाजसेवा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते आए हैं। मोहनलाल: मलयालम सिनेमा के ‘कंप्लीट एक्टर’ मोहनलाल को फिल्म जगत में ‘कंप्लीट एक्टर’ के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 1978 में फिल्म थिरानोत्तम से करियर की शुरुआत की और आज तक 340 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने एक्शन, रोमांस, ड्रामा, कॉमेडी और ऐतिहा...