अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
दैनिक समसामयिकी लेख संकलन व विश्लेषण: 4 मई 2025 आज के इस अंक में निम्नलिखित 5 लेखों को संकलित किया गया है।सभी लेख UPSC लेबल का दृष्टिकोण विकसित करने के लिए बेहद उपयोगी हैं। 1-भारत-ब्रिटेन सांस्कृतिक सहयोग समझौता: सांस्कृतिक कूटनीति का नया युग। 2-भारतीय सेना की बढ़ती ताकत: रूस से Igla-S मिसाइल की आपूर्ति और रणनीतिक संदेश। 3-शीर्षक: पाकिस्तान की सैन्य कमजोरी: तोपखाने का संकट और दक्षिण एशिया की सुरक्षा चुनौतियाँ। 4-शीर्षक: घरेलू हिंसा की कटु सच्चाई: भारत के सामने एक सामाजिक चुनौती। 5-शीर्षक: सुप्रीम कोर्ट और ईडी की शक्तियाँ: लोकतंत्र की कसौटी पर एक ऐतिहासिक समीक्षा। 1-भारत-ब्रिटेन सांस्कृतिक सहयोग समझौता: सांस्कृतिक कूटनीति का नया युग प्रस्तावना भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हाल ही में हुआ सांस्कृतिक सहयोग समझौता केवल एक कागजी दस्तावेज नहीं, बल्कि दो प्राचीन सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक सेतु का निर्माण है। यह समझौता भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाने और ब्रिटेन के साथ ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊर्जा देने का सुनहरा अवसर है। यह न केवल कला, संगीत और साहि...