हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
भारत वैश्विक मंदी के दौर में सबसे तेज़ बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था वैश्विक अर्थव्यवस्था भू-राजनीतिक तनाव, ऊँची ब्याज दरों, व्यापारिक प्रतिबंधों और नीतिगत अनिश्चितताओं के बीच धीमी गति से आगे बढ़ रही है। ऐसे परिदृश्य में भारत न केवल अपनी मजबूत घरेलू मांग पर टिका हुआ है, बल्कि विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज विकास दर बनाए रखकर वैश्विक आर्थिक स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनता जा रहा है। विश्व बैंक की Global Economic Prospects रिपोर्ट (जनवरी 2026) के अनुसार, भारत वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने की राह पर है—यह अनुमान जून 2025 की पिछली भविष्यवाणी से 0.9 प्रतिशत अंक ऊपर है। विश्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि दक्षिण एशिया क्षेत्र की कुल वृद्धि 2026 में 6.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जिसमें भारत की निर्णायक भूमिका है। वैश्विक विकास दर मात्र 2.6 प्रतिशत रहने के बावजूद भारत की यह स्थिति घरेलू उपभोग, कर सुधारों और ग्रामीण आय में सुधार जैसे आंतरिक कारकों से संभव हुई है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि अमेरिकी आयात शुल्कों (50 प्रतिशत तक) के प्रभाव को घरेलू मांग की मज...