अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Justice Surya Kant Appointed as the 53rd Chief Justice of India: Constitutional Significance, Career Profile, and Judicial Vision
न्यायमूर्ति सूर्य कांत का भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तावना भारतीय न्यायपालिका में 30 अक्टूबर 2025 का दिन एक ऐतिहासिक तिथि के रूप में दर्ज हुआ, जब केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति सूर्य कांत को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। वे 24 नवंबर 2025 को न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ के सेवानिवृत्त होने के बाद पदभार ग्रहण करेंगे। यह नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि भारतीय न्यायिक परंपरा की निरंतरता और उसकी संस्थागत मर्यादा का प्रतीक है। वरिष्ठता के सिद्धांत पर आधारित यह निर्णय न्यायपालिका की आत्मनिर्भरता और संतुलित कार्यप्रणाली को पुनः पुष्ट करता है। संवैधानिक एवं प्रक्रियात्मक परिप्रेक्ष्य भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(2) के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। हालांकि संविधान में ‘वरिष्ठता’ का कोई औपचारिक उल्लेख नहीं है, किंतु 1970s के दशक से यह सिद्धांत न्यायिक परंपरा के रूप में स्थापित हो गया है। “Union of In...