राजनीति शास्त्र (Polity & Political Science) की तैयारी को बनाएं आसान और सटीक! क्या आप UPSC, State PCS, UGC NET, PGT या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं? सही मार्गदर्शन और बेहतरीन स्टडी मटेरियल के लिए विजिट करें: 🌐 www.politypoint.com Polity Point ही क्यों चुनें? विस्तृत एवं सरल नोट्स: भारतीय संविधान, राजव्यवस्था और राजनीतिक सिद्धांत की आसान भाषा में समझ। परीक्षा-उन्मुख सामग्री: पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) का विश्लेषण और ट्रेंड के अनुसार स्टडी मटेरियल। क्विज़ और टेस्ट सीरीज़: अपनी तैयारी का सही आकलन करने के लिए नियमित अभ्यास प्रश्न। करंट अफेयर्स से जुड़ाव: राजव्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का सटीक कवरेज। 🎯 आज ही अपनी सफलता की नींव रखें! अभ्यास शुरू करने और अपनी तैयारी को अगली स्तर पर ले जाने के लिए अभी वेबसाइट पर जाएँ: 👉 www.politypoint.com (स्मार्ट स्टडी करें, सफलता हासिल करें!)
India–Mauritius Tax Route Under Scrutiny: Tiger Global–Flipkart Case and Its Impact on Foreign Investment
भारत-मॉरीशस निवेश मार्ग और टाइगर ग्लोबल पर कर विवाद: एक विश्लेषण भारत के आर्थिक परिदृश्य में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दशकों से मॉरीशस जैसे कर आश्रय (टैक्स हेवन) वाले देशों के माध्यम से आता रहा है। अनुमानित रूप से, इस मार्ग से भारत में लगभग 180 अरब डॉलर की पूंजी का प्रवाह हुआ है, जो मुख्य रूप से प्राइवेट इक्विटी फंडों, वेंचर कैपिटल और संस्थागत निवेशकों द्वारा संचालित रहा। यह व्यवस्था भारत और मॉरीशस के बीच द्विपक्षीय कर संधि (डबल टैक्सेशन अवॉयडेंस एग्रीमेंट या डीटीएए) पर आधारित थी, जिसने निवेशकों को पूंजीगत लाभ पर न्यूनतम या शून्य कर का लाभ प्रदान किया। हालांकि, हालिया घटनाक्रमों, विशेष रूप से टाइगर ग्लोबल के फ्लिपकार्ट हिस्सेदारी बिक्री से जुड़े कर विवाद ने इस पूरे ढांचे पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। जनवरी 2026 में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के एक ऐतिहासिक फैसले ने इस निवेश मार्ग की वैधता और कर चोरी के खिलाफ भारत की सख्ती को रेखांकित किया। यह निर्णय न केवल टाइगर ग्लोबल जैसे वैश्विक निवेशकों के लिए एक झटका है, बल्कि यह वैश्विक कर नीतियों, निवेश संरचनाओं और विका...