अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
India’s High-Risk HPAI (H5N1) Outlook: Impacts on Food Security, Poultry Industry & Public Health in 2025–26
भारत के संदर्भ में अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लुएंजा (HPAI) का वर्तमान एवं संभावी प्रकोप : खाद्य सुरक्षा, पोल्ट्री उद्योग एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव प्रस्तावना नवंबर 2025 में यूरोप और उत्तरी अमेरिका में अत्यधिक रोगजनक बर्ड फ्लू (H5N1, क्लेड 2.3.4.4b) का जो असाधारण और व्यापक प्रकोप दर्ज किया गया है, वह भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विश्व के सबसे बड़े backyard poultry आधारित देशों में शामिल भारत, प्रवासी पक्षियों के चार मुख्य फ्लाई-वे के बीच स्थित है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। पिछले पाँच वर्षों में देश ने कई बड़े प्रकोप झेले – 2021, 2022 और 2024 के प्रकोपों में लगभग 80 लाख से अधिक पक्षियों की मौत या वध हुआ। मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए 2025-26 की सर्दियों में भारत में गंभीर प्रकोप की संभावना प्रबल है। भारत में ऐतिहासिक एवं वर्तमान परिदृश्य भारत में HPAI का पहला पुष्टि किया गया प्रकोप फरवरी 2006 में महाराष्ट्र और गुजरात में सामने आया था। उसके बाद यह वायरस हर वर्ष अलग-अलग रूपों में लौटता रहा। 2020-21: 12 से अधिक राज्यों में बड़े स्तर पर संक्रमण, लगभग 55 लाख पक्...