अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Thomas Macaulay ki Mansik Virasat se Mukti: PM Modi ke Ramnath Goenka Vyakhyan ka Vishleshan (2035 Rashtriya Sankalp)
थॉमस मैकाले की विरासत को उलटने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता : प्रधानमंत्री के रामनाथ गोयनका व्याख्यान का समग्र विश्लेषण (17 नवंबर 2025 के रामनाथ गोयनका स्मृति व्याख्यान पर आधारित मौलिक लेख) भूमिका : एक नए बौद्धिक युग का उद्घोष नई दिल्ली में आयोजित छठे रामनाथ गोयनका स्मृति व्याख्यान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय बौद्धिक इतिहास की दिशा बदल देने वाला एक गूढ़ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 , जो लॉर्ड थॉमस बेबिंग्टन मैकाले की अंग्रेजी शिक्षा नीति के 200 वर्ष पूरे होने का प्रतीक वर्ष होगा, तक भारत को उस “पश्चिमी मानसिकता” से मुक्त हो जाना चाहिए जिसे मैकाले ने योजनाबद्ध औपनिवेशिक उपकरण के रूप में भारतीय मानस में रोपित किया था। प्रधानमंत्री ने इसे “लॉक आउट” की संज्ञा दी — एक ऐसी मानसिक मुक्ति, जो केवल शिक्षा सुधार नहीं बल्कि सांस्कृतिक आत्मविश्वास की पुनर्स्थापना है। यह घोषणा एक दशक के राष्ट्रीय संकल्प का बीज है—ऐसा संकल्प जो भारत की बौद्धिक स्वतंत्रता और सभ्यतामूलक आत्म-पहचान की ओर निर्णायक कदम माना जा रहा है। मैकाले परियोजना का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य : ज्ञान पर शासन, शासन ...