Skip to main content

Posts

Showing posts with the label FIDE विश्व शतरंज कप की नई ट्रॉफी का नामकरण विश्वनाथन आनंद ट्रॉफी

MENU👈

Show more

End of Hereditary Peers in the House of Lords: A Historic Reform in British Parliamentary Democracy

हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...

FIDE World Chess Cup 2025: New Trophy Named After Viswanathan Anand, A Historic Tribute to India’s Chess Legend

फिडे विश्व शतरंज कप की नई ट्रॉफी का नामकरण: विश्वनाथन आनंद को समर्पित ऐतिहासिक सम्मान प्रस्तावना भारत के खेल इतिहास में 31 अक्टूबर 2025 का दिन एक स्वर्णिम अध्याय बनकर दर्ज हुआ, जब गोवा की राजधानी पणजी में आयोजित फिडे विश्व शतरंज कप (FIDE World Chess Cup) के उद्घाटन समारोह में टूर्नामेंट की नई ट्रॉफी को भारतीय शतरंज के महानायक विश्वनाथन आनंद के नाम समर्पित किया गया। यह क्षण केवल भारतीय शतरंज प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे एशियाई खेल जगत के लिए गर्व का अवसर था — क्योंकि यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय शतरंज ट्रॉफी का नाम किसी भारतीय ग्रैंडमास्टर के नाम पर रखा गया है। उद्घाटन समारोह की झलकियाँ पणजी के श्यामप्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों की कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं। श्री मनसुख मांडविया , भारत सरकार के खेल एवं युवा मामले मंत्री, ने ट्रॉफी का अनावरण किया। श्री प्रमोद सावंत , गोवा के मुख्यमंत्री, ने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि “गोवा न केवल खेलों का नया केंद्र बन रहा है, बल्कि बौद्धिक खेलों की नई र...

Advertisement

POPULAR POSTS