अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
आईआईटी बाबा के भगवान होने का सच इस लेख में यह विश्लेषण किया गया है कि क्या आईआईटी बाबा वास्तव में "भगवान" होने का दावा कर सकते हैं। साथ ही, उस आधार की भी मीमांसा की गई है, जिस पर वे अपने आपको भगवान मानते हैं। उनका आधार सिद्धांत आत्मा और ब्रह्म की एकता है, जिसका स्रोत वेदांत के महावाक्य हैं। लेख में इन महावाक्यों का आध्यात्मिक, दार्शनिक और व्यावहारिक अर्थ समझाया गया है। साथ ही, यह बताया गया है कि सच्चा ब्रह्मज्ञान अहंकार को मिटाने का मार्ग है, न कि उसे बढ़ाने का। यदि आप इन गूढ़ सिद्धांतों को सही परिप्रेक्ष्य में समझना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी रहेगा। आईआईटी बाबा अपने बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण चर्चा में रहते हैं। वे खुद को एक अलग विचारधारा के प्रचारक के रूप में प्रस्तुत करते हैं और कई बार अपने अनुयायियों के बीच असाधारण दावे भी करते हैं। क्या वे वास्तव में भगवान हैं? यह पूरी तरह से व्यक्तिगत आस्था और तर्क पर निर्भर करता है। धार्मिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से "भगवान" की परिभाषा बहुत व्यापक है। आमतौर पर भगवान को सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञान...