हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
Thomas Macaulay ki Mansik Virasat se Mukti: PM Modi ke Ramnath Goenka Vyakhyan ka Vishleshan (2035 Rashtriya Sankalp)
थॉमस मैकाले की विरासत को उलटने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता : प्रधानमंत्री के रामनाथ गोयनका व्याख्यान का समग्र विश्लेषण (17 नवंबर 2025 के रामनाथ गोयनका स्मृति व्याख्यान पर आधारित मौलिक लेख) भूमिका : एक नए बौद्धिक युग का उद्घोष नई दिल्ली में आयोजित छठे रामनाथ गोयनका स्मृति व्याख्यान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय बौद्धिक इतिहास की दिशा बदल देने वाला एक गूढ़ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 , जो लॉर्ड थॉमस बेबिंग्टन मैकाले की अंग्रेजी शिक्षा नीति के 200 वर्ष पूरे होने का प्रतीक वर्ष होगा, तक भारत को उस “पश्चिमी मानसिकता” से मुक्त हो जाना चाहिए जिसे मैकाले ने योजनाबद्ध औपनिवेशिक उपकरण के रूप में भारतीय मानस में रोपित किया था। प्रधानमंत्री ने इसे “लॉक आउट” की संज्ञा दी — एक ऐसी मानसिक मुक्ति, जो केवल शिक्षा सुधार नहीं बल्कि सांस्कृतिक आत्मविश्वास की पुनर्स्थापना है। यह घोषणा एक दशक के राष्ट्रीय संकल्प का बीज है—ऐसा संकल्प जो भारत की बौद्धिक स्वतंत्रता और सभ्यतामूलक आत्म-पहचान की ओर निर्णायक कदम माना जा रहा है। मैकाले परियोजना का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य : ज्ञान पर शासन, शासन ...