अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
US Peace Initiative and the Ukraine Crisis: Strategic Faultlines, Diplomacy, and Global Security Implications
अमेरिकी शांति प्रस्ताव और यूक्रेन संकट : एक UPSC-उन्मुख विश्लेषण परिचय नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय राजनीति ने एक निर्णायक मोड़ लिया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने रूस–यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने हेतु 28-सूत्रीय शांति प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव को स्वीकार न करने की स्थिति में 27 नवंबर 2025 के बाद अमेरिका द्वारा यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य एवं आर्थिक सहायता समाप्त करने की चेतावनी भी दे दी गई। रिपोर्टों के अनुसार यह ड्राफ्ट यूक्रेन की सामरिक स्वायत्तता, क्षेत्रीय अखंडता तथा सुरक्षा ढाँचे पर व्यापक प्रभाव डालने वाला है। यह प्रस्ताव वाशिंगटन पोस्ट, रॉयटर्स सहित कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों द्वारा प्रकाशित दस्तावेजों पर आधारित है और वैश्विक भू-राजनीति में एक नई बहस को जन्म देता है—क्या यह शांति की दिशा में कदम है या शक्ति-संतुलन की पुनर्संरचना? प्रस्ताव की प्रमुख शर्तें अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी प्रतिनिधि किरिल दमित्रियेव द्वारा तैयार किए गए इस 28-सूत्रीय प्रस्ताव के मुख्य बिंदु निम्नलिखित माने जा रहे हैं– भू-क्षेत्रीय रि...