हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत और सुरक्षा का सवाल अफवाहों की लहर, पारदर्शिता की मांग और अंतरराष्ट्रीय चिंता परिचय पाकिस्तान की राजनीति में इमरान खान सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि सत्ता संघर्ष, जनसमर्थन और संस्थागत तनाव का प्रतीक बन चुके हैं। अगस्त 2023 से आदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री को लेकर नवंबर 2025 में अचानक उठी अफवाहों ने न सिर्फ पाकिस्तान के भीतर हलचल मचा दी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी सतर्क कर दिया। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों द्वारा #WhereIsImranKhan अभियान छेड़ने और परिवार व पीटीआई द्वारा “प्रूफ ऑफ लाइफ” की मांग के बाद मामला और गंभीर हो गया। इसी परिप्रेक्ष्य में भारतीय सांसद डॉ. शशि थरूर का बयान मानवाधिकार और पारदर्शिता के प्रश्न को और प्रमुखता से सामने रखता है। कैद, प्रतिबंध और अफवाहों का विस्फोट इमरान खान, जिनकी सरकार 2022 में अविश्वास प्रस्ताव से गिर गई थी, पिछले दो वर्षों में कई संगीन आरोपों से घिरे रहे—जिन्हें वे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हैं। 73 वर्षीय नेता को आदियाला जेल में 14 साल की सजा के तहत रखा गया है, लेकिन नवंबर 2025 में परिवार...