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भारत–पाकिस्तान संबंधों में विश्वास-निर्माण की निरंतरता: परमाणु स्थापनाओं और बंदियों की सूचियों का आदान-प्रदान परिचय भारत और पाकिस्तान दक्षिण एशिया की सुरक्षा संरचना के केंद्र में स्थित दो परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं। इतिहास गवाह है कि दोनों के संबंधों में युद्ध, संघर्ष, सीमा झड़पें और राजनीतिक अविश्वास की गहरी परतें रही हैं। 1947, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों से लेकर समय-समय पर हुए सैन्य तनाव तक, द्विपक्षीय रिश्ते बार-बार टकराव के मोड़ पर पहुँचे हैं। इसके बावजूद कुछ ऐसे विश्वास-निर्माण उपाय (Confidence Building Measures – CBMs) हैं, जो राजनीतिक तनाव के चरम समय में भी जारी रहे हैं। 1 जनवरी 2026 को दोनों देशों द्वारा परमाणु स्थापनाओं तथा बंदियों की सूचियों के आदान-प्रदान का कदम इसी निरंतरता का प्रमाण है। यह आदान-प्रदान ऐसे समय हुआ है जब मई 2025 के चार दिवसीय सैन्य टकराव — जिसे भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया — ने संबंधों को अभूतपूर्व तलहटी तक पहुँचा दिया था। फिर भी, इस परिस्थिति में भी ऐसे तंत्रों का जारी रहना अपने-आप में महत्वपूर्ण संदेश देता है। परमाणु स्थापनाओं पर हमले न कर...