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Delhi High Court, DU and RTI Case: Objection on Delay in Appeal Over PM Modi’s Degree and Transparency vs Privacy Debate
दिल्ली उच्च न्यायालय, आरटीआई और प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता पारदर्शिता बनाम गोपनीयता का संवैधानिक द्वंद्व भूमिका सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 भारतीय लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही का एक सशक्त साधन है। किंतु जब यह अधिकार संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों से जुड़ी सूचनाओं तक पहुँचता है, तब निजता, संस्थागत स्वायत्तता और सार्वजनिक हित के बीच संतुलन का प्रश्न उभरता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक डिग्री से संबंधित सूचना के प्रकटीकरण को लेकर चल रहा विवाद इसी संतुलन की कसौटी पर है। हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) को तीन सप्ताह का समय देते हुए अपील में हुई देरी पर ‘आपत्ति दाखिल’ करने को कहा है , जिससे यह मामला और अधिक विधिक व संवैधानिक महत्व ग्रहण कर लेता है। प्रकरण की पृष्ठभूमि एक आरटीआई आवेदन के माध्यम से प्रधानमंत्री की बी.ए. डिग्री से संबंधित विवरण मांगा गया। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस आदेश के विरुद्ध अपील दायर की, किंतु यह अपील निर्धारित समय-सीमा के बा...