अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
India–UAE Defence Partnership Deepens: Strategic Significance of Major General Yousef Mayouf Saeed Al Halami’s Visit to India (27–28 October 2025)
भारत–संयुक्त अरब अमीरात रक्षा संबंधों का सुदृढ़ीकरण: मेजर जनरल यूसुफ मायूफ सईद अल हलामी की भारत यात्रा (27–28 अक्टूबर 2025) का विश्लेषण परिचय वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में जब हिंद–प्रशांत क्षेत्र से लेकर पश्चिम एशिया तक शक्ति-संतुलन लगातार पुनर्गठित हो रहा है, तब भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे उभरते मध्य शक्तियों के बीच रक्षा सहयोग विशेष महत्त्व प्राप्त करता है। 27 से 28 अक्टूबर 2025 के बीच यूएई थल सेना प्रमुख मेजर जनरल यूसुफ मायूफ सईद अल हलामी की भारत यात्रा इस रणनीतिक समीकरण की नयी परतों को उजागर करती है। इस यात्रा का केंद्र सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा-उद्योग सहयोग, खुफिया साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे साझा मुद्दे रहे। भारत के लिए यह यात्रा उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके अंतर्गत देश खाड़ी क्षेत्र में न केवल ऊर्जा-आपूर्ति की सुरक्षा बल्कि समुद्री व्यापार मार्गों की रक्षा और सामरिक साझेदारी को मजबूत कर रहा है। वहीं, यूएई के लिए भारत एक ऐसा साझेदार है जो उसे तकनीकी नवाचार, मानव संसाधन और रणनीतिक संतुलन प्रदान करता है। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और रणनीतिक अभिसरण भारत–य...