हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
🟢 Project Cheetah Update 2025: India Imports 8 Cheetahs from Botswana, Total 20 in Kuno National Park
प्रोजेक्ट चीता का नवीन अध्याय (दिसंबर 2025): बोत्सवाना से 8 नए चीते, कूनो में कुल संख्या 20 परिचय भारत का ‘प्रोजेक्ट चीता’ विश्व के सबसे अनोखे वन्यजीव पुनर्वास अभियानों में से एक है, जिसका उद्देश्य विलुप्त हो चुके एशियाई चीते की वापसी सुनिश्चित करना है। दिसंबर 2025 में इस परियोजना ने एक नया पड़ाव पार करेगा जब बोत्सवाना से 8 और चीते भारत लाए जायेंगे , जिससे मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (KNP) में चीतों की कुल संख्या 28 हो जाएगी। यह कदम भारत के जैव-विविधता पुनर्स्थापन और पारिस्थितिक संतुलन की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: विलुप्ति से पुनर्वास तक का सफर भारत में चीता (Acinonyx jubatus) 1952 में आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित कर दिया गया था। आख़िरी एशियाई चीते मध्य प्रदेश के कोरिया जिले (अब छत्तीसगढ़) में देखे गए थे। पिछले कुछ दशकों में भारत सरकार और वन्यजीव विशेषज्ञों ने लंबे अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं के बाद अफ्रीकी चीतों को भारत में बसाने की योजना को रूप दिया। प्रोजेक्ट चीता की औपचारिक शुरुआत 17 सितंबर 2022 को प्रध...