अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
मे डागास्कर का युवा आंदोलन: लोकतंत्र की नई चेतना की लहर मेडागास्कर, जो अफ्रीका के पूर्वी तट से सटे हिंद महासागर में स्थित एक द्वीपीय राष्ट्र है, आज एक असाधारण लोकतांत्रिक जागरण का साक्षी बन रहा है। देशभर में हजारों युवा सड़कों पर उतर आए हैं, जो भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, और शासन में पारदर्शिता की कमी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। यह आंदोलन केवल तत्कालीन असंतोष का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी पीढ़ी का घोषणापत्र है जो अपनी राजनीतिक नियति खुद लिखना चाहती है। 1. आंदोलन की पृष्ठभूमि: लोकतंत्र से मोहभंग 2023 के चुनावों के बाद राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना की सरकार पर आरोप लगे कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और सत्ता संरचना पर कुछ गिने-चुने उद्योगपति और राजनीतिक वर्ग का कब्जा है। पिछले दो वर्षों में आर्थिक स्थिति बिगड़ी, बेरोजगारी दर 40% से अधिक पहुंच गई, और महंगाई ने गरीब तबके को बुरी तरह प्रभावित किया। इन्हीं कारणों से युवा वर्ग में असंतोष बढ़ा—जो अब विरोध का रूप ले चुका है। 2. प्रेरणा के स्रोत: केन्या और नेपाल की लहर मेडागास्कर के युवा आंदोलन को “ अफ्रीकी जेन-ज़ी प्रोटेस्ट ...