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🌍 वैश्विक तापमान वृद्धि और प्रवाल भित्तियों का अपरिवर्तनीय क्षय: जलवायु संकट का पहला टिपिंग पॉइंट 🔸 परिचय पृथ्वी का तापमान जिस तीव्रता से बढ़ रहा है, वह अब केवल मौसम की बात नहीं रही, बल्कि मानव सभ्यता के अस्तित्व से जुड़ी चुनौती बन चुकी है। रॉयटर्स की हालिया रिपोर्ट (2025) के अनुसार, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि विश्व की प्रवाल भित्तियाँ (Coral Reefs) — जो समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का आधार मानी जाती हैं — अब लगभग अपरिवर्तनीय क्षय की स्थिति में पहुँच चुकी हैं। यह स्थिति जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में पहले वैश्विक “टिपिंग पॉइंट” के रूप में देखी जा रही है — अर्थात वह बिंदु जहाँ पर्यावरणीय प्रणालियाँ इतनी असंतुलित हो जाती हैं कि वापसी असंभव हो जाती है। 🔸 वैश्विक तापमान वृद्धि और “टिपिंग पॉइंट” की अवधारणा मानवजनित ग्रीनहाउस गैसों — विशेषकर कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मीथेन (CH₄) और नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) — के तीव्र उत्सर्जन ने पृथ्वी की ऊष्मा को अवशोषित कर तापमान को निरंतर बढ़ाया है। 2015 का पेरिस समझौता इस तापमान वृद्धि को औद्योगिक-पूर्व स्तर से 1.5°C तक सीमित रखने का लक्ष्य ...