अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
आत्मविश्वास का संतुलन: जीवन में सफलता का अदृश्य सूत्र आत्मविश्वास मनुष्य के व्यक्तित्व की सबसे सशक्त शक्ति है। यह वह ऊर्जा है जो व्यक्ति को कठिनाइयों के बीच भी डटे रहने, अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा देती है। किंतु जब यही आत्मविश्वास सीमाओं से परे जाकर अति-आत्मविश्वास का रूप ले लेता है, तो यह व्यक्ति के पतन का कारण भी बन सकता है। इसी प्रकार जब आत्मविश्वास का स्तर अत्यधिक गिर जाता है, तब व्यक्ति निराशा, हताशा और आत्म-संदेह के भंवर में फँस जाता है। इसलिए, जीवन में सफलता का असली रहस्य आत्मविश्वास के संतुलन में निहित है। ✦ आत्मविश्वास और अति-आत्मविश्वास में अंतर आत्मविश्वास व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, जबकि अति-आत्मविश्वास व्यक्ति को यथार्थ से काट देता है। आत्मविश्वासी व्यक्ति अपने कौशल पर विश्वास रखता है, लेकिन वह अपनी सीमाओं को भी समझता है। अति-आत्मविश्वासी व्यक्ति यह मान लेता है कि वह सर्वज्ञ है और उसे किसी से कुछ सीखने की आवश्यकता नहीं। इतिहास में अनेक उदाहरण हैं जब अति-आत्मविश्वास ने महान व्यक्तियों को भी ...