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Digital Arrest Scams in India: Supreme Court’s Intervention, Rising Cybercrime, and the Need for Citizen Awareness
डि जिटल गिरफ्तारी घोटालों का बढ़ता खतरा: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता भूमिका भारत में डिजिटल क्रांति ने जहां जीवन को सरल, तेज़ और सुविधाजनक बनाया है, वहीं इसने अपराधियों को भी तकनीक के नए औज़ार प्रदान कर दिए हैं। हाल के वर्षों में “ डिजिटल गिरफ्तारी घोटाला ” एक ऐसे ही आधुनिक साइबर अपराध के रूप में उभरा है, जिसने कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा — दोनों को नई चुनौती दी है। 17 अक्टूबर 2025 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस अपराध पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे “ गंभीर चिंता का विषय ” बताया। यह कदम उस समय उठाया गया जब देशभर में इस तरह के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई। इन घटनाओं में ठग खुद को पुलिस या जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को “डिजिटल गिरफ्तारी” के नाम पर धमकाते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार और सीबीआई से रिपोर्ट मांगी है। यह न केवल एक कानूनी कदम है, बल्कि नागरिक अधिकारों की रक्षा और संस्थागत जवाबदेही की दिशा में एक अहम संदेश भी है। डिजिटल गिरफ्तारी घोटाला: तकनीक के सहारे छल का नया तरीका यह अप...