अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Impeachment of Peru’s President Dina Boluarte Amid Crime Wave: Corruption, Crisis, and Political Turmoil
पेरू में अपराध की लहर के बीच राष्ट्रपति दीना बोलुआर्टे पर महाभियोग: भ्रष्टाचार संकट और सत्ता परिवर्तन सारांश 10 अक्टूबर 2025 को पेरू की कांग्रेस द्वारा राष्ट्रपति दीना बोलुआर्टे को पद से हटाए जाने की घटना न केवल एक व्यक्ति की राजनीतिक पराजय का प्रतीक है, बल्कि यह पेरू की गहरी संस्थागत अस्थिरता, व्यापक अपराध संकट और भ्रष्टाचार की जड़ों को भी उजागर करती है। अपराध की बढ़ती घटनाओं, “रोलेक्सगेट” जैसे भ्रष्टाचार घोटालों, और शासन में जनता के घटते विश्वास ने कांग्रेस को सर्वसम्मति से महाभियोग के लिए प्रेरित किया। यह लेख इस राजनीतिक घटनाक्रम को सामाजिक, राजनीतिक और अपराध-वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विश्लेषित करता है। इसमें तर्क दिया गया है कि यद्यपि महाभियोग असाधारण संसदीय एकजुटता का उदाहरण है, परंतु बिना संरचनात्मक सुधारों के यह केवल अस्थायी राहत प्रदान करेगा और अस्थिरता के दुष्चक्र को बनाए रखेगा। परिचय पेरू पिछले एक दशक से राजनीतिक अस्थिरता का पर्याय बन चुका है। केवल आठ वर्षों में देश ने छह राष्ट्रपतियों को बदलते देखा है—जो लोकतांत्रिक संस्थाओं की जड़ता और विधायी प्रभुत्व का प्रमाण है। 10 अक्...