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End of Hereditary Peers in the House of Lords: A Historic Reform in British Parliamentary Democracy

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Impeachment of Peru’s President Dina Boluarte Amid Crime Wave: Corruption, Crisis, and Political Turmoil

पेरू में अपराध की लहर के बीच राष्ट्रपति दीना बोलुआर्टे पर महाभियोग: भ्रष्टाचार संकट और सत्ता परिवर्तन

सारांश

10 अक्टूबर 2025 को पेरू की कांग्रेस द्वारा राष्ट्रपति दीना बोलुआर्टे को पद से हटाए जाने की घटना न केवल एक व्यक्ति की राजनीतिक पराजय का प्रतीक है, बल्कि यह पेरू की गहरी संस्थागत अस्थिरता, व्यापक अपराध संकट और भ्रष्टाचार की जड़ों को भी उजागर करती है। अपराध की बढ़ती घटनाओं, “रोलेक्सगेट” जैसे भ्रष्टाचार घोटालों, और शासन में जनता के घटते विश्वास ने कांग्रेस को सर्वसम्मति से महाभियोग के लिए प्रेरित किया। यह लेख इस राजनीतिक घटनाक्रम को सामाजिक, राजनीतिक और अपराध-वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विश्लेषित करता है। इसमें तर्क दिया गया है कि यद्यपि महाभियोग असाधारण संसदीय एकजुटता का उदाहरण है, परंतु बिना संरचनात्मक सुधारों के यह केवल अस्थायी राहत प्रदान करेगा और अस्थिरता के दुष्चक्र को बनाए रखेगा।


परिचय

पेरू पिछले एक दशक से राजनीतिक अस्थिरता का पर्याय बन चुका है। केवल आठ वर्षों में देश ने छह राष्ट्रपतियों को बदलते देखा है—जो लोकतांत्रिक संस्थाओं की जड़ता और विधायी प्रभुत्व का प्रमाण है। 10 अक्टूबर 2025 को दीना बोलुआर्टे का महाभियोग इसी प्रवृत्ति की नवीनतम कड़ी है।
130 सदस्यीय कांग्रेस में 122-0 के सर्वसम्मत मत से उन्हें “स्थायी नैतिक अक्षमता” (Permanent Moral Incapacity) के आधार पर हटाया गया। यह वही संवैधानिक प्रावधान है जिसका उपयोग 2022 में उनके पूर्ववर्ती पेड्रो कैस्टिलो के निष्कासन में किया गया था। बोलुआर्टे का अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़ा विवादास्पद कार्यकाल अंततः उनकी अनुपस्थिति में संपन्न हुई सुनवाई के दौरान समाप्त हुआ, जिसमें कांग्रेस ने जोस जेरी को अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया।

बोलुआर्टे का कार्यकाल उस शासन की विफलता को दर्शाता है जो प्रतिक्रियात्मक सुरक्षा नीतियों और राजनीतिक संरक्षणवाद पर निर्भर रहा। उनके नेतृत्व में पेरू का समाज अपराध, असमानता और राजनीतिक अविश्वास की जकड़ में फंस गया—ऐसे तत्व जिन्होंने अंततः संसदीय विद्रोह को जन्म दिया।


अपराध की लहर: सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि और प्रभाव

कोविड-19 महामारी के बाद पेरू में अपराध का प्रसार अभूतपूर्व रहा है। 2025 तक सर्वेक्षणों में 75% नागरिकों ने रात में बाहर निकलने से डर व्यक्त किया। यह भय केवल सामाजिक असुरक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता और संस्थागत कमजोरी का दुष्परिणाम है।

  1. नशीली दवाओं की तस्करी और अवैध खनन:
    पेरू के एंडीज़ और अमेज़न क्षेत्र अब कोका की खेती और अवैध सोने के खनन के केंद्र बन चुके हैं। इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल्स और स्थानीय राजनेताओं की सांठगांठ ने संगठित अपराध को वैधता का आभास दिया है। इस अवैध अर्थव्यवस्था ने ग्रामीण रोजगार तो पैदा किया, पर राज्य नियंत्रण को कमजोर किया और हिंसक सशस्त्र समूहों को पोषित किया।

  2. शहरी हिंसा और उगाही का तंत्र:
    लीमा और त्रूजिल्लो जैसे शहरी इलाकों में अपराध का स्वरूप भी बदल गया है। पारंपरिक डकैती की जगह अब डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए उगाही ने ले ली है। "व्हाट्सएप रैकेट्स" छोटे व्यापारियों और प्रवासियों को धमकाकर धन वसूलते हैं। जनवरी 2025 के दौरान ही उगाही की 1,900 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं और तीन महीनों में 450 से अधिक हत्याएँ हुईं।

  3. सांस्कृतिक झटके और सामाजिक प्रतिक्रिया:
    प्रसिद्ध गायक पॉल फ्लोरेस की हत्या और अक्टूबर 2025 में लीमा में हुए कॉन्सर्ट फायरिंग जैसे हाई-प्रोफाइल अपराधों ने जनता के आक्रोश को बढ़ा दिया। मीडिया कवरेज ने इन घटनाओं को राजनीतिक प्रतीकों में बदल दिया—जहाँ अपराध ने शासन की वैधता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया।

बोलुआर्टे ने इसके जवाब में “राष्ट्रीय आपातकाल” की घोषणाएँ कीं और सेना की तैनाती कराई, परंतु परिणाम नगण्य रहे। आलोचकों के अनुसार, उनका शासन अपराध के सामाजिक कारणों को संबोधित करने में असफल रहा, और उनकी नीतियाँ केवल अल्पकालिक “कानून-व्यवस्था” दिखावे तक सीमित रहीं।


राजनीतिक संकट और सत्ता संतुलन का विघटन

दीना बोलुआर्टे का उदय और पतन दोनों पेरू के राजनीतिक गठबंधनों की अस्थिर प्रकृति से गहराई से जुड़ा है। वे मूलतः वामपंथी दल फ्री पेरू से जुड़ी थीं, परंतु सत्ता में आने के बाद उन्होंने दक्षिणपंथी दलों जैसे पॉपुलर फोर्स और पॉपुलर रिन्यूअल से गठबंधन कर लिया। यह गठबंधन शुरुआत में स्थिरता का प्रतीक लगा, किंतु जैसे-जैसे अपराध और भ्रष्टाचार के आरोप बढ़े, सहयोगी दलों ने भी उनका साथ छोड़ दिया।

“रोलेक्सगेट” घोटाले ने उनकी साख को गहरी क्षति पहुँचाई। कथित तौर पर उन्होंने लक्ज़री घड़ियाँ और आभूषण बिना घोषित किए रखे, जिससे जनता के बीच “शासन का नैतिक पतन” का आभास हुआ। पहले से ही महंगाई, बेरोज़गारी और अपराध से त्रस्त जनता के लिए यह घटना “राजकीय विलासिता” का प्रतीक बन गई।
इसके अलावा, 2022-23 के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों पर उनकी सरकार की कठोर प्रतिक्रिया में दर्जनों नागरिकों की मौत हुई, जिससे उनके खिलाफ “मानवाधिकार उल्लंघन” और “नरसंहार” के आरोप भी लगे। मार्च 2025 तक उनकी लोकप्रियता मात्र 2–4% रह गई थी—जो किसी लोकतांत्रिक नेता के लिए लगभग शून्य जन-स्वीकृति के समान है।


महाभियोग और सत्ता परिवर्तन: जोस जेरी का उदय

कांग्रेस द्वारा पारित महाभियोग प्रस्ताव ने दीना बोलुआर्टे के शासन को तत्काल समाप्त कर दिया। दिलचस्प रूप से, यह वही कांग्रेस थी जिसने पहले आठ महाभियोग प्रयासों को विफल किया था। यह दर्शाता है कि अपराध और भ्रष्टाचार ने राजनीतिक गणित को पूरी तरह पलट दिया।

महाभियोग के तुरंत बाद 38 वर्षीय वकील और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष जोस जेरी ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उन्होंने अपने पहले भाषण में “अपराध के खिलाफ युद्ध” और “संस्थागत सुधार” की घोषणा की। परंतु, वे जिस राजनीतिक ढांचे से आए हैं, वही ढांचा भ्रष्टाचार को जन्म देता रहा है—इसलिए उनके कार्यकाल की विश्वसनीयता अभी प्रश्नों के घेरे में है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जेरी के पास सीमित समय और चुनौतीपूर्ण वातावरण है। यदि वे संरचनात्मक सुधारों—विशेषकर न्यायपालिका और पुलिस सुधार—पर ध्यान नहीं देते, तो उनका शासन भी प्रतीकात्मक ही रहेगा।


वृहत्तर प्रभाव: लोकतंत्र बनाम अधिनायकवाद का द्वंद्व

पेरू की स्थिति आज लैटिन अमेरिका के कई देशों की समानांतर कहानी कहती है—जहाँ अपराध और असमानता का संकट लोकतंत्र के लिए चुनौती बन गया है। इक्वाडोर, चिली और एल साल्वाडोर जैसे देशों में अपराध की आड़ में सरकारों ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग किया है, जिससे नागरिक स्वतंत्रताएँ सीमित हुई हैं।
अटलांटिक काउंसिल की एक रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि पेरू ने अपने सामाजिक असमानताओं और राजनीतिक भ्रष्टाचार को नहीं सुलझाया, तो “लोकलुभावन अधिनायकवाद” की संभावना बढ़ सकती है। अपराध-नियंत्रण की आड़ में शक्ति केंद्रीकरण का खतरा लोकतंत्र के लिए दीर्घकालिक जोखिम है।


निष्कर्ष

दीना बोलुआर्टे का महाभियोग केवल एक राष्ट्रपति की पराजय नहीं, बल्कि पेरू के लोकतंत्र की जटिल यात्रा का आईना है। यह घटना दिखाती है कि जब शासन अपराध, भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता के त्रिकोण में फँस जाता है, तो राजनीतिक वैधता खोना अवश्यंभावी है।

अंतरिम राष्ट्रपति जोस जेरी के लिए चुनौती केवल अपराध से निपटना नहीं, बल्कि उस राजनीतिक संस्कृति को बदलना है जो अस्थिरता को जन्म देती है। पेरू को अब प्रतिक्रियात्मक सुरक्षा उपायों की नहीं, बल्कि संस्थागत पुनर्निर्माण की आवश्यकता है—जिसमें न्यायिक स्वतंत्रता, पुलिस सुधार, सामाजिक सुरक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं का सशक्तीकरण शामिल हो।

यदि ये सुधार नहीं हुए, तो 2026 के चुनाव पेरू के लिए एक और अस्थायी सत्ता-परिवर्तन होंगे—और यह देश लैटिन अमेरिका के “राजनीतिक अस्थिरता के अध्ययन” का शाश्वत उदाहरण बन जाएगा।


संदर्भ

  • Atlantic Council (2025). Peru’s Crime Wave: A Populist Opening or a Chance for Reform?
  • Associated Press (2025). Peruvian Congress Removes President Boluarte Amid Crime Wave.
  • The New York Times (2025). Peru Ousts President Amid Crime Surge and Corruption Scandals.
  • Reuters (2025). Peru Lawmakers Impeach President; Successor Vows ‘War on Crime’.
  • The Washington Post (2025). Peruvian Congress Removes President Boluarte in Unanimous Vote.
  • Wikipedia (2025). Dina Boluarte.


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