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Nitish Kumar’s Rise, Resilience and Revival: A Comprehensive Analysis of Bihar Politics from 2000 to 2025
नीतीश कुमार: बिहार की राजनीति में एक अटल ब्रांड का उदय और पुनरुत्थान सारांश बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने पिछले ढाई दशकों में प्रदेश की राजनीति को जिस प्रकार आकार दिया है, वह भारतीय लोकतंत्र में एक अनोखी मिसाल है। 2000 से 2025 तक का उनका सफर कई नाटकीय गठबंधन परिवर्तनों, असंख्य चुनौतियों और बार-बार के पुनरुत्थान से भरा रहा। ‘सुशासन बाबू’ की उनकी ब्रांडिंग, ईबीसी-वोट बैंक की सामाजिक इंजीनियरिंग और अलग-अलग गठबंधनों में सहजता से फिट होने की क्षमता ने उन्हें बिहार राजनीति का स्थायी केंद्र बनाया। 2025 के विधानसभा चुनावों में जेडीयू की अप्रत्याशित वापसी ने इस राजनीतिक ब्रांड की मजबूती और विस्तार दोनों को प्रदर्शित किया। परिचय भारत के संघीय ढांचे में कुछ नेता अपनी कार्यशैली, निर्णय क्षमता और जनविश्वास से अपनी पहचान स्थापित कर लेते हैं। नीतीश कुमार उसी श्रेणी के नेता हैं—न टकराववादी, न करिश्माई, लेकिन अत्यंत व्यावहारिक और रणनीतिक। 1951 में जन्मे नीतीश कुमार राजनीति में आए तो एक तकनीकी-मन वाले, शांत स्वभाव के नेता के रूप में। इंजीनियरिंग की पढ़ाई, जयप्रकाश आंदोलन ...