Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Geopolitics

MENU👈

Show more

Dhar Bhojshala Verdict: High Court Decision, Political Reactions and Social Impact Analysis

 धार भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट के फैसले, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और सामाजिक प्रभावों का गहन विश्लेषण धार की ऐतिहासिक भोजशाला पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का निर्णय केवल एक धार्मिक स्थल से जुड़ा कानूनी फैसला नहीं है, बल्कि यह भारत की ऐतिहासिक चेतना, न्यायिक व्यवस्था और सामाजिक संतुलन की गंभीर परीक्षा भी है। सदियों से विवादों, दावों और भावनात्मक बहसों के केंद्र में रही भोजशाला अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां न्यायपालिका ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर अपना स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। इस फैसले ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम समाधान का मार्ग अदालतों और संविधान से होकर ही गुजरता है। भोजशाला का इतिहास केवल एक इमारत का इतिहास नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की उस सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसमें ज्ञान, शिक्षा और आस्था का गहरा समन्वय दिखाई देता है। माना जाता है कि परमार वंश के महान राजा भोज के काल में यह स्थान विद्या और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र था। समय के साथ राजनीतिक और ऐतिहासिक परिवर्तनों ने इसकी पहचान को विवादों में बदल...

Hormuz Strait Blockade 2026: US-Iran Tensions Escalate, Global Oil Supply and Maritime Security at Risk

होर्मूज की नाकाबंदी: समुद्री भू-राजनीति का विस्फोटक क्षण पश्चिम एशिया की उथल-पुथल भरी भू-राजनीति एक बार फिर वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में आ खड़ी हुई है। में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी की शुरुआत ने न केवल क्षेत्रीय तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन को भी गंभीर चुनौती दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर उठाया गया यह कदम उस विफल कूटनीति का परिणाम है, जिसने इस्लामाबाद में हुए वार्ताओं के बावजूद किसी स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त नहीं किया। रणनीतिक जलडमरूमध्य का सैन्यीकरण होर्मूज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की धुरी है, आज सैन्य प्रतिस्पर्धा का मंच बन गया है। अमेरिका द्वारा युद्धपोतों, एयरक्राफ्ट कैरियर्स और लड़ाकू विमानों की तैनाती इस बात का संकेत है कि यह केवल “नौवहन की स्वतंत्रता” सुनिश्चित करने का प्रयास नहीं, बल्कि ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। ईरान के लिए यह जलडमरूमध्य उसकी सामरिक ताकत का प्रतीक है, जबकि अमेरिका के लिए यह वैश्विक समुद्री व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रश्न। यह टकराव उस व्याप...

Strait of Hormuz Crisis 2026: Iran’s New Security Order and Its Global Energy & Geopolitical Impact

होर्मुज का नया समीकरण: शक्ति, संप्रभुता और समुद्री व्यवस्था का टकराव पश्चिम एशिया एक बार फिर उस बिंदु पर खड़ा है जहाँ भूगोल, ऊर्जा और शक्ति-राजनीति एक-दूसरे में विलीन हो जाती हैं। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला लंबे समय से वैश्विक ऊर्जा प्रवाह की धुरी रहा है, किंतु अप्रैल 2026 में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) नेवी द्वारा दिया गया वक्तव्य इस क्षेत्र को एक नए, अधिक अनिश्चित युग में प्रवेश कराता है। “पूर्ववर्ती स्थिति में वापसी नहीं”—यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि उस स्थिरता के अंत की घोषणा है, जिस पर दशकों से वैश्विक तेल व्यापार टिका रहा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब , और के बीच तनाव सैन्य टकराव के स्तर तक पहुँच चुका है। ऐसे में होर्मुज केवल एक जलमार्ग नहीं रह जाता; यह शक्ति प्रदर्शन, रणनीतिक दबाव और वैश्विक निर्भरता का केंद्र बन जाता है। इतिहास की परतों में वर्तमान की गूंज होर्मुज का महत्व नया नहीं है। 1980 के दशक के के दौरान ‘टैंकर युद्ध’ ने यह स्पष्ट कर दिया था कि ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करना भी युद्ध का एक प्रभावी साधन हो सकता है। उस दौर में भी ...

Strait of Hormuz Crisis 2026: Global Reactions, Energy Security Risks and Geopolitical Impact Explained

होर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट: अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ और इसके मौलिक वैश्विक प्रभाव प्रस्तावना मार्च 2026 में पश्चिम एशिया का यह संकट वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो रहा है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य, विश्व के ऊर्जा परिवहन का प्रमुख जीवन-रेखा, आज सैन्य टकराव, भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक अस्थिरता का केंद्र बन गया है। अमेरिका-इज़राइल के फरवरी 2026 के सैन्य अभियानों के बाद ईरान ने 4 मार्च से इस जलमार्ग को “बंद” घोषित कर दिया और जहाजों पर ड्रोन-मिसाइल हमले शुरू कर दिए। इससे प्रतिदिन 20-25% वैश्विक कच्चे तेल और LNG का परिवहन बाधित हो गया है। यह संकट न केवल क्षेत्रीय संतुलन को चुनौती दे रहा है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की सीमाओं को भी उजागर कर रहा है। 1. संकट की प्रकृति: एक रणनीतिक ‘चोकपॉइंट’ का सैन्यीकरण होर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है। ईरान की असममित युद्ध रणनीति—ड्रोन, मिसाइल और नौसैनिक बाधाओं के माध्यम से—समुद्री मार्गों को बाधित कर रही है। यह कदम अमेरिका और इज़राइल को स्पष्ट...

From Multilateralism to “À la Carte Multilateralism”: How Global Cooperation Is Changing

ट्रंप युग में बहुपक्षीयता का संकट: अमेरिकी विदेश नीति में नियमों से ‘लिवरेज’ की ओर बदलाव प्रस्तावना बहुपक्षीयता आधुनिक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की आत्मा रही है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब दुनिया तबाही और अविश्वास से जूझ रही थी, तब संयुक्त राष्ट्र, ब्रेटन वुड्स संस्थाएं और अनेक अंतरराष्ट्रीय मंच इसलिए बनाए गए कि शक्ति को सहमति में बदला जा सके और टकराव को संस्थागत नियमों के भीतर सीमित रखा जा सके। अमेरिका इस व्यवस्था का मुख्य शिल्पकार था—उसने नियम बनाए, संस्थाएं खड़ी कीं और दूसरों को उसमें शामिल होने के लिए प्रेरित किया। लेकिन इक्कीसवीं सदी के दूसरे दशक से यह तस्वीर तेजी से बदली है। डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में जो रुझान दिखा था—संस्थाओं से दूरी, समझौतों से पीछे हटना और “अमेरिका फर्स्ट” की राजनीति—वह उनके दूसरे कार्यकाल में एक स्पष्ट सिद्धांत का रूप ले चुका है। 7 जनवरी 2026 को अमेरिका द्वारा 66 अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से बाहर निकलने की घोषणा केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि उस सोच का औपचारिक ऐलान है जिसमें नियमों के बजाय “लिवरेज” यानी दबाव और सौदेबाजी को प्राथमिकता दी जा रही है...

Advertisement

POPULAR POSTS

India-Netherlands Strategic Partnership: A New Era of Technology, Investment and Global Diplomacy

भारत-नीदरलैंड्स स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: तकनीक, निवेश और वैश्विक कूटनीति में नए अवसर भारत और यूरोप के बीच बदलते समीकरणों के दौर में भारत-नीदरलैंड्स संबंधों को “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक पहुंचाना केवल एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका का स्पष्ट संकेत है। यह साझेदारी ऐसे समय में सामने आई है, जब दुनिया भू-राजनीतिक अस्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला संकट और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के नए दौर से गुजर रही है। ऐसे में भारत और नीदरलैंड्स का एक-दूसरे के और करीब आना आने वाले वर्षों की वैश्विक रणनीति को प्रभावित कर सकता है। नीदरलैंड्स यूरोप का छोटा लेकिन अत्यंत प्रभावशाली देश माना जाता है। समुद्री व्यापार, लॉजिस्टिक्स, कृषि तकनीक और हाई-टेक इंडस्ट्री में उसकी विशेषज्ञता पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। भारत के लिए यह साझेदारी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि देश इस समय आत्मनिर्भरता, हरित विकास और तकनीकी उन्नयन के बड़े लक्ष्यों पर काम कर रहा है। डच तकनीक और भारतीय बाजार का मेल दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। सबसे बड़ा महत्व सेमीकंडक...

Pariksha Pe Charcha 2026: PM Modi’s Motivational Message for Students on Exams, Skills, Balance & Success

परीक्षा पे चर्चा 2026: परीक्षा से आगे जीवन की तैयारी का राष्ट्रीय संवाद परीक्षा का समय आते ही देश के करोड़ों छात्रों के मन में एक ही सवाल गूंजने लगता है— क्या मैं सफल हो पाऊँगा? इसी प्रश्न, इसी तनाव और इसी अनिश्चितता को संवाद और आत्मविश्वास में बदलने का मंच है ‘परीक्षा पे चर्चा’ । 6 फरवरी 2026 को आयोजित परीक्षा पे चर्चा के 9वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधी बातचीत की। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में दिल्ली, गुजरात के देवमोगरा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर और असम के गुवाहाटी से जुड़े छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दूरदर्शन, पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किया गया। इस बार 4.5 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन होना यह दर्शाता है कि आज का छात्र केवल परीक्षा टिप्स नहीं, बल्कि जीवन मार्गदर्शन चाहता है। 🌱 सपने देखें, लेकिन एक्शन के साथ प्रधानमंत्री मोदी का संदेश बेहद स्पष्ट और प्रेरक था— “सपने न देखना जुर्म है, लेकिन सिर्फ सपनों की गुनगुनाहट से काम नहीं चलता।” उन्हों...

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2025: भारतीय नौकरी बाजार को बढ़ावा देने की जरूरत – पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन

दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2025 के दूसरे दिन भारतीय नौकरी बाजार पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान भारत के पूर्व रिज़र्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने भारतीय रोजगार बाजार की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे सुधारने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारतीय नौकरी बाजार की चुनौतियां रघुराम राजन ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था विकास की ओर बढ़ रही है, लेकिन नौकरी बाजार की स्थिति इस प्रगति के अनुरूप नहीं है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत में बेरोजगारी दर अभी भी कई क्षेत्रों में उच्च है, खासकर युवाओं और ग्रामीण समुदायों के बीच। राजन ने कहा, "भारत को आर्थिक विकास और नौकरी सृजन के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता है। नई तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन से पारंपरिक नौकरियों में गिरावट आई है, लेकिन साथ ही नए अवसरों के द्वार भी खुले हैं। हमें इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना होगा।" उद्योगों में स्किल गैप राजन ने यह भी कहा कि भारतीय उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच तालमेल की कमी के कारण नौकरी बाजार में एक बड़ा "स्किल गैप"...

India-US Trade Deal 2026: US Oil, Defense, Aircraft Purchases & Farm Access

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: एक नई शुरुआत या रणनीतिक समझौता? परिचय फरवरी 2026 की शुरुआत में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते की घोषणा हुई, जिसने दोनों देशों के बीच पिछले कुछ महीनों से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ को 50% (25% पारस्परिक + 25% रूसी तेल खरीद के कारण दंडात्मक) से घटाकर 18% कर रहा है। बदले में, भारत ने रूसी तेल की खरीद रोकने या काफी कम करने, अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाने और कुछ व्यापारिक बाधाओं को हटाने पर सहमति जताई। यह समझौता न केवल आर्थिक है, बल्कि भू-राजनीतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की ऊर्जा नीति, रूस के साथ संबंधों और अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, दोनों पक्षों से जारी बयानों में कुछ असमानताएं हैं, जिससे विवरण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुए हैं। समझौते की प्रमुख शर्तें समझौता मुख्य रूप से टैरिफ म...

NORAD Tracks Santa: History, Technology, and Global Cultural Impact of a Military Christmas Tradition

नॉराड द्वारा सांता क्लॉज़ की ट्रैकिंग: एक सैन्य-आधारित क्रिसमस परंपरा का विश्लेषण भूमिका क्रिसमस की पूर्व संध्या दुनिया भर के बच्चों के लिए उत्सुकता, उम्मीद और कल्पना का सबसे बड़ा उत्सव है। लोककथाओं के अनुसार, सांता क्लॉज़ इस रात उत्तर ध्रुव से निकलकर अपने जादुई स्लेज और रेनडियर के साथ पूरी दुनिया में उपहार बांटते हैं। इस कल्पनाशील यात्रा को तकनीकी-रोमांचक रूप में जीवंत करने का श्रेय जाता है नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) को, जो 1955 से हर वर्ष “NORAD Tracks Santa” कार्यक्रम के माध्यम से सांता की काल्पनिक उड़ान को ट्रैक करता है। 2025 में यह परंपरा अपने 70वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है — और अब यह केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि एक वैश्विक सांस्कृतिक घटना बन चुकी है। ऐतिहासिक विकास: एक संयोग से जन्मी परंपरा इस परंपरा की शुरुआत एक रोचक दुर्घटना से हुई। 1955 में एक अख़बार में सांता से बात करने के लिए प्रकाशित फोन नंबर गलती से CONAD (NORAD के पूर्ववर्ती संगठन) के नियंत्रण कक्ष का निकल आया। जब एक बच्चे ने वहां फोन किया, तो अधिकारी कर्नल हैरी शूप ने उसे निराश करने के बजाय “...

UPSC: Inspiring Success Through Merit and Hard Work | Motivational Essay

यूपीएससी: मेरिट का मंच, सपनों का आकाश सपने वो नहीं जो सोते वक्त देखे जाते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने न दें। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारत के उन लाखों युवाओं के लिए एक ऐसा मंच है, जहां सपने न केवल देखे जाते हैं, बल्कि कठिन परिश्रम और योग्यता के बल पर साकार भी होते हैं। दशकों से, यूपीएससी ने अपनी निष्पक्षता और पारदर्शिता के दम पर देश के कोने-कोने से आए aspirants के दिलों में विश्वास की लौ जलाए रखी है। यह विश्वास कि सफलता केवल मेरिट पर आधारित है, यूपीएससी को एक संस्था से कहीं अधिक—एक प्रेरणा का प्रतीक—बनाता है। यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि एक यात्रा है। यह यात्रा आपके धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास की परीक्षा लेती है। यह वह मंच है जहां आपकी मेहनत, आपका ज्ञान, और आपकी नैतिकता एक साथ परखे जाते हैं। हर साल, लाखों युवा इस कठिन राह पर चलने का साहस जुटाते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि यूपीएससी का दरवाजा केवल योग्यता की चाबी से ही खुलता है। यहां न कोई भेदभाव है, न कोई पक्षपात—सिर्फ आप और आपकी मेहनत। यह विश्वास ही हर aspirant को सुबह जल्दी उठने, देर रात तक प...

Catherine Connolly Elected Ireland’s President: A Turning Point in Irish Politics and Global Solidarity

कैथरीन कॉनॉली की आयरलैंड की राष्ट्रपति के रूप में ऐतिहासिक जीत: जन असंतोष, नैतिक राजनीति और वैश्विक चेतना का संगम भूमिका 25 अक्टूबर 2025 को आयरलैंड की जनता ने एक ऐसा निर्णय लिया जिसने न केवल देश की राजनीति बल्कि वैश्विक जनमत की दिशा को भी प्रभावित किया। कैथरीन कॉनॉली , एक स्वतंत्र वामपंथी सांसद, ने राष्ट्रपति पद के चुनाव में अप्रत्याशित किंतु भारी जीत दर्ज कर आयरलैंड की राजनीति में नया अध्याय जोड़ा। यह केवल एक चुनावी परिणाम नहीं था, बल्कि सत्ता के पारंपरिक ढाँचों और पश्चिमी नीतिगत संरेखण के प्रति जन-चेतना के पुनरुत्थान का प्रतीक भी था। कॉनॉली की यह जीत ऐसे समय में आई जब देश में आर्थिक असमानता , बढ़ते किराए , और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर नैतिक रुख जैसे प्रश्न आम नागरिकों की प्राथमिकता बन चुके थे। उनकी यह जीत स्पष्ट संदेश देती है — जनता अब केवल औपचारिक राजनीति नहीं, बल्कि नैतिकता और न्याय पर आधारित नेतृत्व चाहती है। संदर्भ और अभियान की रूपरेखा 68 वर्षीय कैथरीन कॉनॉली, गॉलवे की पूर्व सांसद, ने एक जनसरोकार-आधारित और सैद्धांतिक अभियान चलाया। उनका नारा था — “ Equality at Home, Human...

India’s First Bharat Mata Coin & Stamp Released on RSS Centenary: Significance & Details

भारत माता की प्रथम छवि वाली स्मारक मुद्रा और डाक टिकट का विमोचन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह 1 अक्टूबर, 2025 को नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक क्षण तब देखा गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह के अवसर पर एक विशेष डाक टिकट और 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। यह सिक्का भारतीय मुद्रा पर भारत माता की प्रथम छवि को दर्शाने वाला पहला अवसर है, जो इसे न केवल सांस्कृतिक, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बनाता है।  स्मारक सिक्के की विशेषताएं 100 रुपये के इस स्मारक सिक्के का एक पक्ष राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ) को प्रदर्शित करता है, जो भारत की संप्रभुता और गौरव का प्रतीक है। दूसरी ओर, भारत माता की भव्य छवि वरद मुद्रा में अंकित है, जिसमें वह करुणा और आशीर्वाद की मुद्रा में दर्शाई गई हैं। उनके समक्ष एक शेर, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है, और स्वयंसेवक उनके प्रति भक्ति और समर्पण की भावना के साथ नतमस्तक दिखाए गए हैं। यह चित्रण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मूल्यों—राष्ट्रभक्ति, सेवा, और समर्पण—को सुंदर ढंग से उजागर करता है। ...

Nivarak Nirodh aur NSA: Suraksha ke Naam par Swatantrata ka Hanan ya Nyayasangat Upay?

निवारक निरोध और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम: सुरक्षा के नाम पर स्वतंत्रता का हनन? हाल ही में लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), 1980 के तहत निवारक हिरासत ने एक बार फिर इस कानून की उपयोगिता और वैधता पर बहस छेड़ दी है। उनकी पत्नी डॉ. गीतांजली जे. अंगमो द्वारा दायर हैबियस कॉर्पस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 6 अक्टूबर को सुनवाई करने वाला है, जिसमें वांगचुक की हिरासत को चुनौती दी गई है। यह मामला न केवल लद्दाख की राज्य दर्जे और छठी अनुसूची की मांग से जुड़ा है, बल्कि यह उस व्यापक समस्या को भी उजागर करता है, जिसमें निवारक निरोध राजनीतिक असहमति दबाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। भारत में निवारक निरोध की अवधारणा संविधान के अनुच्छेद 22 से उत्पन्न हुई है। यह राज्य को कुछ परिस्थितियों में व्यक्ति को बिना मुकदमे के हिरासत में रखने की अनुमति देती है। इसी सिद्धांत पर आधारित एनएसए, केंद्र और राज्य सरकारों को राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या आवश्यक आपूर्तियों को खतरे में डालने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए 12 महीने तक की हिरासत की शक्ति द...

Nepal Gen-Z Protests 2025: Social Media Ban, Corruption and Youth Uprising | UPSC Analysis

नेपाल में GEN-Z आंदोलन: सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार विरोधी जनआंदोलन – UPSC दृष्टिकोण से विश्लेषण 1. पृष्ठभूमि 8 सितंबर 2025 को नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन हिंसक रूप ले बैठा। इसमें 19 मौतें और 250 से अधिक घायल हुए। सरकार ने पहले तो सोशल मीडिया प्रतिबंध को "राष्ट्रीय हित" बताया, लेकिन भारी विरोध के बाद प्रतिबंध हटाना पड़ा। गृह मंत्री रमेश लेखक ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया। 2. आंदोलन के प्रमुख कारण (क) तात्कालिक कारण सरकार द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब, एक्स आदि 26 प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध । तर्क: फेक न्यूज, हेट स्पीच, साइबर धोखाधड़ी रोकना। परिणाम: युवाओं में भारी असंतोष क्योंकि वे पढ़ाई, व्यापार और सामाजिक संपर्क के लिए इन प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं। (ख) गहरे कारण संस्थागत भ्रष्टाचार – एयरबस सौदे जैसे मामलों से जनता का भरोसा कमजोर। आर्थिक असमानता – राजनेताओं और उनके परिजनों की ऐश्वर्यपूर्ण जीवनशैली बनाम आम जनता का संघर्ष। युवा असंतोष – 16-25 आयु वर्ग (20.8% आबादी) बेरोजगारी, अवसरो...