हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
Trump’s New Global Tariff Policy 2026: Impact on India, Global Trade Tensions, and Emerging Economic Opportunities
ट्रंप प्रशासन की नई वैश्विक टैरिफ नीति: भारत के लिए चुनौतियाँ, विकल्प और दीर्घकालिक अवसर प्रस्तावना: वैश्वीकरण से संरक्षणवाद की ओर? इक्कीसवीं सदी की वैश्विक अर्थव्यवस्था दो समानांतर प्रवृत्तियों के बीच झूलती दिखाई देती है—एक ओर बहुपक्षीय, नियम-आधारित व्यापार व्यवस्था; दूसरी ओर राष्ट्रवादी संरक्षणवाद की पुनरावृत्ति। शीतयुद्ध के बाद स्थापित उदार वैश्विक आर्थिक ढांचा, जिसकी आधारशिला WTO जैसे संस्थानों ने रखी, अब निरंतर दबाव में है। 20 फरवरी 2026 को अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को असंवैधानिक घोषित कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि शांतिकाल में राष्ट्रपति को सामान्य व्यापार असंतुलन के आधार पर आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। किंतु इस निर्णय के कुछ ही घंटों बाद प्रशासन ने व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 122 का सहारा लेते हुए सभी आयातों पर 10% अस्थायी टैरिफ लागू किया, जिसे अगले दिन 15% तक बढ़ा दिया गया। यह टैरिफ 150 दिनों तक वैध रहेगा, जब तक कि कां...