हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
Supreme Court Guidelines and Delhi’s GRAP-II: Legal and Policy Framework for Combating Air Pollution
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता,सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइंस और जीआरएपी-2 प्रतिबंध: एक समग्र विश्लेषण परिचय हर साल सर्दियों के आते ही दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो जाती है। सुबह की धुंध अब प्रकृति की सुंदरता नहीं, बल्कि प्रदूषण की परत बन चुकी है। दीवाली से पहले ही आसमान धुएं की चादर में लिपट जाता है और लोग मास्क को फिर से अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बना लेते हैं। 19 अक्टूबर 2025 को, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार “खराब” से “बहुत खराब” की ओर बढ़ने लगा, तब केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण (GRAP-2) को लागू करने की घोषणा की। यह फैसला दीवाली से एक दिन पहले आया, जब हवा में पहले से ही आतिशबाज़ी, धूल और पराली के धुएं की बू थी। इसके पूर्व ही सर्वोच्च न्यायालय ने भी दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए थे। एक तरफ यह कदम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी थे, तो दूसरी ओर इनसे धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक परंपराओं को लेकर नई बहसें भी शुरू हो गईं। दिल्ली की हवा...