भारत की गाजा शांति योजना में भागीदारी: ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पर्यवेक्षक के रूप में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति परिचय वर्ष 2026 में गाजा पट्टी का प्रश्न केवल इजराइल–फिलिस्तीन संघर्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक शक्ति-संतुलन, मानवीय हस्तक्षेप और बहुपक्षीय कूटनीति की परीक्षा बन गया है। ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा प्रारंभ किया गया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) एक नई पहल के रूप में सामने आया है, जिसका घोषित उद्देश्य गाजा में युद्धविराम की निगरानी, पुनर्निर्माण, हमास के निरस्त्रीकरण तथा एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण व्यवस्था की स्थापना है। फरवरी 2026 में वाशिंगटन डीसी में आयोजित इस बोर्ड की पहली बैठक में भारत ने पूर्ण सदस्य के बजाय पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में भाग लिया। यह निर्णय साधारण कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की संतुलित और बहुस्तरीय विदेश नीति का प्रतीक है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र से परे एक वैकल्पिक मंच? ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2026 में विश्व आर्थिक मंच (दावोस) के दौरान इस पहल की घोषणा की थी। इसे एक ऐसे मंच के रूप में...
Boong Makes History at 79th BAFTA Awards 2026: First Indian Regional Film to Win Best Children & Family Film
79वें BAFTA अवॉर्ड्स 2026 में ‘बूंग’ की ऐतिहासिक जीत: पहली भारतीय क्षेत्रीय फिल्म बनी बेस्ट चिल्ड्रेन एंड फैमिली फिल्म विजेता भारतीय सिनेमा ने वैश्विक मंच पर एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। 2026 के 79वें BAFTA Awards में मणिपुरी भाषा की फिल्म ‘बूंग’ ने बेस्ट चिल्ड्रेंस एंड फैमिली फिल्म श्रेणी में विजय हासिल कर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि केवल एक पुरस्कार भर नहीं, बल्कि भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा की सृजनात्मक शक्ति और सांस्कृतिक विविधता की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है। वैश्विक मंच पर ‘बूंग’ की ऐतिहासिक जीत लंदन के भव्य Royal Festival Hall में आयोजित इस समारोह में ‘बूंग’ भारत की एकमात्र नामांकित फिल्म थी। इसने हॉलीवुड की चर्चित फिल्मों—आर्को, लिलो एंड स्टिच और जूटोपिया 2—को पीछे छोड़ते हुए यह सम्मान अर्जित किया। यह जीत इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह पहली बार है जब भारत ने इस श्रेणी में BAFTA अवॉर्ड जीता है। मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर राज्य से आई एक अपेक्षाकृत छोटे बजट की फिल्म का अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों को पछाड़ना भारतीय सिनेमा के बदलते परिदृश्य का प्रतीक है। कहानी: मासूमियत, संघर्ष और उ...