धार भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट के फैसले, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और सामाजिक प्रभावों का गहन विश्लेषण धार की ऐतिहासिक भोजशाला पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का निर्णय केवल एक धार्मिक स्थल से जुड़ा कानूनी फैसला नहीं है, बल्कि यह भारत की ऐतिहासिक चेतना, न्यायिक व्यवस्था और सामाजिक संतुलन की गंभीर परीक्षा भी है। सदियों से विवादों, दावों और भावनात्मक बहसों के केंद्र में रही भोजशाला अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां न्यायपालिका ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर अपना स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। इस फैसले ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम समाधान का मार्ग अदालतों और संविधान से होकर ही गुजरता है। भोजशाला का इतिहास केवल एक इमारत का इतिहास नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की उस सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसमें ज्ञान, शिक्षा और आस्था का गहरा समन्वय दिखाई देता है। माना जाता है कि परमार वंश के महान राजा भोज के काल में यह स्थान विद्या और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र था। समय के साथ राजनीतिक और ऐतिहासिक परिवर्तनों ने इसकी पहचान को विवादों में बदल...
India–Russia Defence Cooperation Strengthens: RELOS Agreement Approval and Strategic Partnership Deepens
भारत–रूस रक्षा सहयोग: RELOS समझौते की मंजूरी और द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की मजबूती परिचय भारत और रूस के बीच रक्षा संबंध दशकों से वैश्विक राजनीति की बदलती परिस्थितियों में भी स्थिर और भरोसेमंद रहे हैं। शीत युद्ध के दौर में शुरू हुई यह साझेदारी आज “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” का रूप ले चुकी है। इसी क्रम में रूस की संसद के निचले सदन—स्टेट डूमा—द्वारा रिक्रॉप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट (RELOS) समझौते को दी गई मंजूरी अत्यंत महत्वपूर्ण है। फरवरी 2025 में हस्ताक्षरित यह समझौता राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा (4–5 दिसंबर 2025) से ठीक पहले स्वीकृत किया गया, जिससे इसका सामरिक महत्व और बढ़ जाता है। डूमा के स्पीकर ने इसे भारत–रूस संबंधों को “रणनीतिक और व्यापक” बनाने वाला कदम कहा। वास्तव में, यह निर्णय ऐसे समय आया है जब वैश्विक भू–राजनीति तेजी से ध्रुवीकृत हो रही है और भारत अपनी “रणनीतिक स्वायत्तता” को और मजबूत कर रहा है। RELOS समझौता: स्वरूप, उद्देश्य और संदर्भ RELOS एक ऐसा सैन्य लॉजिस्टिक सहयोग समझौता है, जो दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की सैन्य ...