राजनीति शास्त्र (Polity & Political Science) की तैयारी को बनाएं आसान और सटीक! क्या आप UPSC, State PCS, UGC NET, PGT या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं? सही मार्गदर्शन और बेहतरीन स्टडी मटेरियल के लिए विजिट करें: 🌐 www.politypoint.com Polity Point ही क्यों चुनें? विस्तृत एवं सरल नोट्स: भारतीय संविधान, राजव्यवस्था और राजनीतिक सिद्धांत की आसान भाषा में समझ। परीक्षा-उन्मुख सामग्री: पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) का विश्लेषण और ट्रेंड के अनुसार स्टडी मटेरियल। क्विज़ और टेस्ट सीरीज़: अपनी तैयारी का सही आकलन करने के लिए नियमित अभ्यास प्रश्न। करंट अफेयर्स से जुड़ाव: राजव्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का सटीक कवरेज। 🎯 आज ही अपनी सफलता की नींव रखें! अभ्यास शुरू करने और अपनी तैयारी को अगली स्तर पर ले जाने के लिए अभी वेबसाइट पर जाएँ: 👉 www.politypoint.com (स्मार्ट स्टडी करें, सफलता हासिल करें!)
India–Russia Defence Cooperation Strengthens: RELOS Agreement Approval and Strategic Partnership Deepens
भारत–रूस रक्षा सहयोग: RELOS समझौते की मंजूरी और द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की मजबूती परिचय भारत और रूस के बीच रक्षा संबंध दशकों से वैश्विक राजनीति की बदलती परिस्थितियों में भी स्थिर और भरोसेमंद रहे हैं। शीत युद्ध के दौर में शुरू हुई यह साझेदारी आज “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” का रूप ले चुकी है। इसी क्रम में रूस की संसद के निचले सदन—स्टेट डूमा—द्वारा रिक्रॉप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट (RELOS) समझौते को दी गई मंजूरी अत्यंत महत्वपूर्ण है। फरवरी 2025 में हस्ताक्षरित यह समझौता राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा (4–5 दिसंबर 2025) से ठीक पहले स्वीकृत किया गया, जिससे इसका सामरिक महत्व और बढ़ जाता है। डूमा के स्पीकर ने इसे भारत–रूस संबंधों को “रणनीतिक और व्यापक” बनाने वाला कदम कहा। वास्तव में, यह निर्णय ऐसे समय आया है जब वैश्विक भू–राजनीति तेजी से ध्रुवीकृत हो रही है और भारत अपनी “रणनीतिक स्वायत्तता” को और मजबूत कर रहा है। RELOS समझौता: स्वरूप, उद्देश्य और संदर्भ RELOS एक ऐसा सैन्य लॉजिस्टिक सहयोग समझौता है, जो दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की सैन्य ...