अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
नेपाल में अंतरिम सरकार का गठन: एक नई दिशा की ओर कदम प्रस्तावना नेपाल की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर है। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल, पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की और युवा कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधियों के बीच हुआ हालिया समझौता केवल सरकार गठन की औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक राजनीतिक संक्रमण का हिस्सा है जिसे नेपाल 2006 के लोकतांत्रिक आंदोलन के बाद से झेल रहा है। सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपना लोकतंत्र, सुशासन और समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुशीला कार्की: नेतृत्व और प्रतीकात्मकता नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की अपनी निष्पक्षता, नैतिक दृढ़ता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अडिग प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती हैं। उनका चयन केवल राजनीतिक मजबूरी नहीं, बल्कि सामाजिक-राजनीतिक परिपक्वता का संकेत भी है। यह नेपाल के इतिहास में उस बदलाव को दर्शाता है जिसमें महिलाएँ अब सत्ता और नेतृत्व के केंद्र में आ रही हैं। नैतिक विश्वसनीयता : कार्की की छवि भ्रष्टाचार-विरोधी और पारदर्शी शासन की पैरोकार के रूप में स्थापित है। संवैधानिक अनुभ...