हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक 2025: भारत और वैश्विक परिप्रेक्ष्य आर्थिक स्वतंत्रता किसी भी देश की आर्थिक समृद्धि और विकास का आधार होती है। यह व्यक्तियों और व्यवसायों को अपनी आर्थिक गतिविधियों को स्वतंत्र रूप से संचालित करने की क्षमता प्रदान करती है, जिसमें श्रम, पूंजी और संपत्ति पर नियंत्रण शामिल है। हेरिटेज फाउंडेशन और वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा प्रकाशित आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक (Index of Economic Freedom) 2025 दुनिया भर के 184 देशों में इस स्वतंत्रता के स्तर को मापता है। यह सूचकांक 12 कारकों—जैसे संपत्ति अधिकार, भ्रष्टाचार से मुक्ति, सरकारी खर्च, व्यापार स्वतंत्रता, निवेश स्वतंत्रता, और वित्तीय स्वतंत्रता—के आधार पर देशों को 0 से 100 के पैमाने पर स्कोर देता है। यह निबंध 2025 की इस रिपोर्ट के वैश्विक रुझानों, भारत की स्थिति, और आर्थिक स्वतंत्रता के महत्व पर प्रकाश डालता है। आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक का महत्व आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक केवल एक रैंकिंग तालिका नहीं है, बल्कि यह देशों की आर्थिक नीतियों और उनके नागरिकों की समृद्धि के बीच संबंध को दर्शाता है। उच्च आर्थिक स्वतंत्रता वाले देशों...