हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
शार्म अल-शेख गाजा शांति शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी: वैश्विक कूटनीति में अवसर और चुनौतियाँ परिचय मध्य पूर्व के अस्थिर भू-राजनीतिक परिदृश्य में 13 अक्टूबर 2025 को शार्म अल-शेख में आयोजित होने वाला गाजा शांति शिखर सम्मेलन इजरायल-हमास संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। यह सम्मेलन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित होगा और इसमें 20 से अधिक देशों के नेता शामिल होंगे। उद्देश्य युद्धविराम, बंधक आदान-प्रदान और गाजा में पुनर्निर्माण से जुड़े प्रारंभिक चरणों पर सहमति बनाना है। हालांकि हमास ने शिखर सम्मेलन का बहिष्कार किया है, भारत की संभावित भागीदारी क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक कूटनीति में उसके बढ़ते कद को प्रदर्शित करेगी। भारत की संभावित भागीदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम समय में निमंत्रण प्राप्त हुआ है। यद्यपि मोदी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होंगे, विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। इससे भारत सक्रिय रूप से भाग लेने के सा...