हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
रोमिला थापर की नई किताब: इतिहास, मिथक और व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स के दौर में एक ज़रूरी हस्तक्षेप भारतीय इतिहास-लेखन के क्षेत्र में रोमिला थापर का नाम गहन शोध, वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण और प्रमाण-आधारित तर्क के लिए जाना जाता है। प्राचीन भारत पर उनके अध्ययन ने न केवल इतिहास-चेतना को समृद्ध किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि इतिहास केवल बीते समय की कहानी नहीं, बल्कि वर्तमान को समझने का बौद्धिक उपकरण भी है। उनकी नई पुस्तक “Speaking of History: Conversations about India’s Past and Present” इसी परंपरा का विस्तार है, जिसमें वे लेखक-चिंतक नमित अरोड़ा के साथ संवाद के रूप में भारतीय इतिहास, उसकी व्याख्याओं और समकालीन चुनौतियों पर विचार-मंथन करती हैं। यह पुस्तक इतिहास को राजाओं-रानियों या युद्धों के घटनाक्रम के रूप में नहीं, बल्कि इतिहास-लेखन की प्रक्रिया , उसकी पद्धति और समाज पर उसके प्रभाव** के रूप में प्रस्तुत करती है। यही दृष्टिकोण इसे पारंपरिक इतिहास-किताबों से अलग और अधिक विवेकपूर्ण बनाता है। व्हाट्सएप इतिहास: गलतफहमियों का नया संकट पुस्तक की सबसे महत्वपूर्ण बहस सोशल मीडिया पर फैलते उस तथाकथित ...