अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Trump’s Diplomatic Reset: How Mohammed bin Salman Regained Washington’s Embrace Despite the Khashoggi Shadow
ट्रम्प प्रशासन और मोहम्मद बिन सलमान का पुनर्वास: खशोगी हत्या के साये में अमेरिकी रियलपॉलिटिक की वापसी प्रस्तावना 18 नवंबर 2025 को व्हाइट हाउस में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) का जिस अभूतपूर्व धूमधाम के साथ स्वागत हुआ, उसने वैश्विक कूटनीति की दिशा को अचानक एक नए मोड़ पर पहुँचा दिया। ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती महीनों में आयोजित इस मुलाकात ने एक ऐसा सवाल दुनिया के सामने रख दिया जो वर्षों से अमेरिकी विदेश नीति का सबसे बड़ा द्वंद्व है— क्या अमेरिका अपने मूल्यों से ऊपर अपने हितों को रख चुका है? खास बात यह कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उसी मंच से यह घोषणा कर दी कि “MBS को जमाल खशोगी हत्या के बारे में कुछ पता ही नहीं था” , जबकि CIA सहित पूरी अमेरिकी खुफिया व्यवस्था 2018 से यह दावा करती रही है कि हत्या बिना MBS की मंजूरी के हो ही नहीं सकती थी। यह सीधे-सीधे अमेरिकी संस्थाओं और राष्ट्रपति के बीच एक टकराव का दृश्य था—जो वैश्विक राजनीति में कम ही देखने को मिलता है। अमेरिकी विदेश नीति में मूल्यों की पराजय या हितों की विजय? ट्रम्प प्रशासन की रणनीति किसी भ्रम की स...