राजनीति शास्त्र (Polity & Political Science) की तैयारी को बनाएं आसान और सटीक! क्या आप UPSC, State PCS, UGC NET, PGT या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं? सही मार्गदर्शन और बेहतरीन स्टडी मटेरियल के लिए विजिट करें: 🌐 www.politypoint.com Polity Point ही क्यों चुनें? विस्तृत एवं सरल नोट्स: भारतीय संविधान, राजव्यवस्था और राजनीतिक सिद्धांत की आसान भाषा में समझ। परीक्षा-उन्मुख सामग्री: पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) का विश्लेषण और ट्रेंड के अनुसार स्टडी मटेरियल। क्विज़ और टेस्ट सीरीज़: अपनी तैयारी का सही आकलन करने के लिए नियमित अभ्यास प्रश्न। करंट अफेयर्स से जुड़ाव: राजव्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का सटीक कवरेज। 🎯 आज ही अपनी सफलता की नींव रखें! अभ्यास शुरू करने और अपनी तैयारी को अगली स्तर पर ले जाने के लिए अभी वेबसाइट पर जाएँ: 👉 www.politypoint.com (स्मार्ट स्टडी करें, सफलता हासिल करें!)
ट्रंप का 25% टैरिफ: ईरान व्यापार करने वाले देशों पर असर और भारत की रणनीतिक चुनौती भूमिका 13 जनवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार व्यवस्था को झकझोर देने वाली घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उसे अमेरिका के साथ अपने पूरे व्यापार पर 25% अतिरिक्त टैरिफ देना होगा। यह आदेश “तुरंत प्रभावी” बताया गया और इसे ट्रंप ने “अंतिम और निर्णायक कदम” कहा। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब ईरान में सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शन चल रहे हैं और सैकड़ों लोगों की मौत की खबरें आ चुकी हैं। अमेरिका इस अस्थिरता के बीच ईरान पर अधिकतम दबाव बनाना चाहता है, लेकिन इसका असर सीधे उन देशों पर पड़ेगा जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं—जिनमें भारत भी शामिल है। यह टैरिफ सीधे ईरान पर नहीं, बल्कि उसके व्यापारिक साझेदारों पर लगाया गया है, इसलिए इसे “सेकेंडरी सैंक्शन” जैसा कदम माना जा रहा है। इसका मतलब है कि किसी तीसरे देश को ईरान से व्यापार करने की सजा अमेरिका के साथ उसके व्यापार में दी जाएगी। वैश्विक संदर्भ: दबाव की राजनीति अमेरिका की यह रणनीति नई नहीं है। पहले भी वह ईरान, र...