भारत की गाजा शांति योजना में भागीदारी: ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पर्यवेक्षक के रूप में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति परिचय वर्ष 2026 में गाजा पट्टी का प्रश्न केवल इजराइल–फिलिस्तीन संघर्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक शक्ति-संतुलन, मानवीय हस्तक्षेप और बहुपक्षीय कूटनीति की परीक्षा बन गया है। ऐसे समय में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा प्रारंभ किया गया ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) एक नई पहल के रूप में सामने आया है, जिसका घोषित उद्देश्य गाजा में युद्धविराम की निगरानी, पुनर्निर्माण, हमास के निरस्त्रीकरण तथा एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण व्यवस्था की स्थापना है। फरवरी 2026 में वाशिंगटन डीसी में आयोजित इस बोर्ड की पहली बैठक में भारत ने पूर्ण सदस्य के बजाय पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में भाग लिया। यह निर्णय साधारण कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की संतुलित और बहुस्तरीय विदेश नीति का प्रतीक है। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पृष्ठभूमि: संयुक्त राष्ट्र से परे एक वैकल्पिक मंच? ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2026 में विश्व आर्थिक मंच (दावोस) के दौरान इस पहल की घोषणा की थी। इसे एक ऐसे मंच के रूप में...
India-Canada Uranium Supply Deal 2026: Strengthening Energy Security, Clean Energy Transition and Bilateral Reset
भारत-कनाडा यूरेनियम आपूर्ति समझौता: ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और द्विपक्षीय संबंधों की बहाली का एक महत्वपूर्ण कदम परिचय 2 मार्च 2026 को नई दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की बैठक ने भारत-कनाडा संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ा। इस बैठक का सबसे प्रमुख परिणाम कनाडा की प्रमुख यूरेनियम कंपनी कैमेको (Cameco) और भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy - DAE) के बीच लगभग 2.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर (कनाडाई डॉलर में लगभग समकक्ष) मूल्य का दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता रहा। यह समझौता भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को मजबूत करने, स्वच्छ और विश्वसनीय बेसलोड पावर सुनिश्चित करने तथा दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को रीसेट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह समझौता 2027 से 2035 तक की अवधि में लगभग 22 मिलियन पाउंड (करीब 10,000 टन) यूरेनियम ऑर कंसंट्रेट (U₃O₈) की आपूर्ति का प्रावधान करता है, जो बाजार-आधारित मूल्यों पर आधारित होगा। यह भारत की बढ़ती परमाणु क्षमता को ईंधन प्रदान करेगा, जहां वर्तमान में 24 परमाणु...