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भारत-अमेरिका परमाणु समझौता और परमाणु ऊर्जा: UPSC GS के संदर्भ में विश्लेषण परिचय भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में परमाणु रिएक्टर निर्माण को लेकर हुई प्रगति ने वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म दिया है। यह निर्णय भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते (2008) के दो दशकों बाद आया है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी प्रगति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर खोलता है। इस लेख में UPSC के सामान्य अध्ययन (GS) के विभिन्न पहलुओं से इस विषय का विश्लेषण किया जाएगा। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य भारत में परमाणु ऊर्जा का विकास स्वतंत्रता के बाद से ही शुरू हुआ। 1950 के दशक में होमी भाभा के नेतृत्व में भारत ने अपने परमाणु कार्यक्रम की नींव रखी। हालांकि, 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों के बाद भारत पर कई प्रतिबंध लगाए गए। 2005 में भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी बनी, जिसके फलस्वरूप 2008 में ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौता हुआ। यह समझौता भारत को अंतरराष्ट्रीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) के नियमों से छूट दिलाने में सफल रहा, जिससे भारत को परमाणु ईंधन और तकनीक तक पहुँच मिली। हालिया घटनाक...