हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स की सदस्यता का अंत: ब्रिटिश लोकतंत्र के विकास का एक निर्णायक अध्याय ब्रिटेन की संसदीय परंपरा विश्व की सबसे पुरानी और स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। किंतु इस गौरवपूर्ण परंपरा के भीतर कुछ ऐसे तत्व भी रहे हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ लंबे समय से असंगत माने जाते रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख था हाउस ऑफ लॉर्ड्स में वंशानुगत पीयर्स (Hereditary Peers) की सदस्यता—एक ऐसी व्यवस्था जिसके अंतर्गत कुलीन परिवारों के सदस्य केवल अपने जन्म के आधार पर संसद के ऊपरी सदन में स्थान प्राप्त करते थे। मार्च 2026 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित Hereditary Peers Bill इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही सदियों से चली आ रही वह परंपरा समाप्त हो जाएगी जिसके अंतर्गत राजनीतिक शक्ति का एक हिस्सा जन्माधिकार से निर्धारित होता था। यह सुधार न केवल एक संस्थागत परिवर्तन है, बल्कि ब्रिटिश लोकतंत्र के क्रमिक आधुनिकीकरण की उस दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें सामंती विरासतों को धीरे-धीरे लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरू...
मोटापे के खिलाफ जंग: प्रधानमंत्री मोदी की पहल और हमारी जिम्मेदारी भूमिका मोटापा (Obesity) आज वैश्विक स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त है, और भारत में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस मुद्दे पर चर्चा की और इसे रोकने के लिए जनभागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मोटापे के खिलाफ एक राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की और समाज की प्रतिष्ठित हस्तियों को इस मुहिम से जोड़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल का उद्देश्य केवल एक स्वास्थ्य अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत को एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह लेख मोटापे के बढ़ते खतरे, इसके दुष्प्रभावों और मोदी सरकार द्वारा इस दिशा में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालेगा। मोटापा: एक गंभीर समस्या मोटापा केवल एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी बन चुका है। खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधियों की कमी ...