यू.एस.–इज़राइल युद्ध का पहला सप्ताह: ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति और बदलती वैश्विक भू-राजनीति प्रस्तावना 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ संयुक्त अमेरिकी–इज़राइली सैन्य अभियान मध्य पूर्व की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ के रूप में सामने आया है। इस अभियान, जिसे अनौपचारिक रूप से “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” कहा जा रहा है, ने न केवल ईरान के सैन्य और परमाणु ढांचे को निशाना बनाया, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को भी गहराई से प्रभावित किया है। अमेरिकी और इज़राइली वायुसेना द्वारा किए गए व्यापक हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की पुष्टि ने इस संघर्ष को और अधिक विस्फोटक बना दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने और मध्य पूर्व में स्थिरता स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है। उनके अनुसार यह कार्रवाई ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को नष्ट करने, क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क को कमजोर करने और “ईरानी आक्रामकता” को समाप्त करने के लिए आवश्यक थी। हालांकि युद्ध के पहले सप्ताह के भीतर ही यह स्पष्ट हो गया है कि यह संघर्ष केवल...
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष: अदृश्य कंधों पर टिकी दुनिया – नारी शक्ति की अनंत गाथा नारी, वह शक्ति जो सृष्टि की रचयिता है, वह धरा जो जीवन को पोषित करती है, वह अग्नि जो अंधकार को चीरती है। हर वर्ष 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें उस नारी-तत्व की स्मृति कराता है, जो न केवल घर-परिवार की नींव संवारती है, अपितु समस्त मानव-जाति की प्रगति का आधार बनती है। इस वर्ष 2026 में वैश्विक संदेश "Give To Gain" है – अर्थात् देने से प्राप्ति। जब हम नारी को अवसर देते हैं, सम्मान देते हैं, शिक्षा, संसाधन, सुरक्षा और स्वतंत्रता प्रदान करते हैं, तो वह प्राप्ति बहुगुणित होकर लौटती है। परिवार मजबूत होता है, समाज समृद्ध होता है, राष्ट्र ऊँचा उठता है। UN Women का आह्वान "Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls" भी यही पुकारता है – अधिकार, न्याय और ठोस कार्रवाई, ताकि प्रत्येक नारी और बालिका भेदभाव, हिंसा तथा असमानता के बंधनों से मुक्त हो सके। अदृश्य श्रम: वह बोझ जो आँखों से ओझल रहता है पुरुष कहता है, "मैं दुनिया का भार उठाए हुए हूँ।" किंतु सत्य यह है कि वह ...