अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला: परमाणु निरोध की दोहरी नैतिकता और विश्व व्यवस्था की परीक्षा (विश्लेषणात्मक एडिटोरियल लेख) प्रस्तावना: युद्ध, शक्ति और नैतिकता का टकराव फरवरी–मार्च 2026 में पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति का सबसे संवेदनशील युद्धक्षेत्र बन गया है। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध शुरू किया गया संयुक्त सैन्य अभियान केवल एक क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और शक्ति-राजनीति के नैतिक आधारों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अमेरिकी प्रशासन इस अभियान को “पूर्वनिवारक हमला” (pre-emptive strike) के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के संभावित परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को रोकना बताया जा रहा है। किंतु इस तर्क के साथ ही एक गहरी विडंबना भी जुड़ी हुई है—वे राज्य जो स्वयं परमाणु हथियारों से लैस हैं, वही एक ऐसे राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ रहे हैं जिसके पास अभी तक परमाणु हथियार होने का निर्णायक प्रमाण नहीं है। यही वह बिंदु है जहाँ परमाणु निरोध (nuclear deterrence) और पर...
Sheikh Hasina Exclusive Interview: Exile, Bangladesh’s Political Turmoil, and Her Vision for Democratic Restoration
शेख हसीना का विशेष साक्षात्कार: बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल, निर्वासन और भविष्य की आकांक्षाएँ प्रस्तावना बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए हालिया विशेष साक्षात्कार में अपने निर्वासन , राजनीतिक संकट , भ्रष्टाचार के आरोपों , और भविष्य की आकांक्षाओं पर बेबाकी से विचार रखे। अगस्त 2024 में छात्र आंदोलनों की हिंसक लहर के बाद सत्ता से बेदखल होकर भारत में शरण लेने वाली हसीना ने इस साक्षात्कार में स्वयं को न केवल एक “निर्वासित नेता” के रूप में प्रस्तुत किया, बल्कि बांग्लादेश के लोकतांत्रिक भविष्य की एक प्रतीक के रूप में भी चित्रित किया। उनकी बातचीत इस बात का प्रमाण है कि दक्षिण एशिया में लोकतंत्र की जड़ें अब भी राजनीतिक प्रतिशोध, संस्थागत अस्थिरता और जन-आंदोलनों की तीव्रता के बीच असुरक्षित हैं। यह साक्षात्कार केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक युगीन आत्मस्वीकृति है — एक ऐसे नेता की जो स्वयं को इतिहास के कठघरे में खड़ा देख रही हैं। न्यायिक जांच समिति का विघटन: हसीना की सबसे बड़ी पीड़ा साक्षात्कार का सबसे अहम बिंदु था — न्यायिक जांच समिति ...